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नहीं रहे रतन टाटा,86 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस,गम का माहौल
10/10/2024 11:13:38 AM IST
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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Mumbai :
भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति और टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा अब हमारे बीच नहीं रहे। जानकारी के मुताबिक़ रतन टाटा का बुधवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। 86 वर्षीय कॉरपोरेट दिग्गज रतन टाटा उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। और वह पिछले कुछ समय से काफी बीमार चल रहे थे। रतन टाटा को बीते सोमवार मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वही रतन टाटा जी के निधन से देश में शोक की लहर है। राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है। आपको बता दे कि रतन टाटा ने टाटा ग्रुप को करीब 30 सालों तक लीड किया,वह टाटा संस के चेयरमैन भी रहे। वह रतन टाटा ट्रस्ट के भी हेड थे। जबकि मौजूदा टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एक बयान में कहा,‘बहुत दुख के साथ हम रतन नवल टाटा जी को विदाई देते हैं,वह एक महान व्यक्ति थे। उन्होंने टाटा ग्रुप को ही नहीं बल्कि हमारे देश को भी आकार दिया। टाटा ग्रुप के लिए रतन टाटा सिर्फ एक चेयरपर्सन नहीं बल्कि उससे बढ़कर थे। मेरे लिए वह एक गुरु,एक मार्गदर्शक और एक मित्र थे। रतन टाटा अब हमारे बीच नहीं रहे,लेकिन उनके विचार और मूल्य हमेशा हमारे अंदर जीवित रहेंगे। आपको बता दें कि रतन टाटा को 7 अक्टूबर को ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उन्होंने एक बयान जारी किया,जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी कंडीशन ठीक है। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार उनके स्वास्थ्य में पहले सुधार होने की सूचना मिली थी, लेकिन उसके बाद में उनकी हालत फिर से बिगड़ने पर उनका निधन हो गया। इस खबर से पूरे देश में गम का माहौल है,उनके जैसा समाजसेवी और कोई ना था,ना है और ना हो पायेगा। क्योकि कोरोना महामारी का समय शायद ही कोई भूल पाया होगा,ऐसे में देश के सबसे बड़े उद्योगपति घराने ने आगे आकर लोगों की मदद की और 1500 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। ये घराना था टाटा ग्रुप जिसकी बागडोर रतन टाटा के हाथ में थी। इस मुश्किल समय में वो अपने कर्मचारियों के साथ साथ पूरे देश के लिए खड़े रहे. रतन टाटा को इसी दरियादिली के लिए पूरा देश सलाम करता है। टाटा समूह ने कोरोना महामारी के दौरान कई प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की, जिससे कोरोना के समय देश के कई लोगों को मुफ्त इलाज मिल पाया। टाटा समूह ने कोरोना महामारी के दौरान गरीब और असहाय लोगों को मुफ्त भोजन और आश्रय भी प्रदान किया, जिससे देश के कई लोगों को बड़ी सहायता मिली। जब देश में कोविड के दौरान वेंटिलेटर,पीपीई किट,मास्क,दस्ताने और ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई थी,तब टाटा ग्रुप ने चीन व अन्य देशों से हेल्थ इक्विपमेंट्स ऑर्डर किए और एक हजार से अधिक वेंटिलेटर और रेस्पिरेटर,4 लाख पीपीई किट,3.5 मिलियन मास्क और दस्ताने, 3.5 लाख टेस्टिंग किट देश में मंगवाए। जिस तरह रतन टाटा की कंपनी ने देश की इस मुश्किल समय में सेवा की उसे याद कर आज भी देश का हर शख्स उनका दिल से आभार प्रकट करता है।
जयेश कुमार कोयलांचल लाइव डेस्क
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