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वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में शहरी जैव विविधता संरक्षण पर हुआ कार्यशाला,जैव विविधता बोर्ड के उपनिदेशक बोले ....

5/21/2026 2:59:21 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Aara  :  अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 के अवसर पर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सभागार में “मेनस्ट्रीमिंग बायोडाइवर्सिटी कंजर्वेशन एंड मैनेजमेंट इनटू अर्बन प्लानिंग” विषय पर एक महत्वपूर्ण हितधारक परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन बिहार राज्य जैव विविधता बोर्ड, सीएसआईआर–निरी, कोलकाता, ए.एन. कॉलेज पटना तथा महाराजा कॉलेज, आरा के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. ओम प्रकाश राय, मिहिर कुमार झा, प्रो. संजय कुमार, प्रद्युम्न गौरव, डॉ. गौरव सिक्का एवं डॉ. कंचन कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों और शोधार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। उद्घाटन सत्र में बिहार राज्य जैव विविधता बोर्ड के उपनिदेशक मिहिर कुमार झा, भोजपुर जिला वन पदाधिकारी प्रद्युम्न गौरव (आईएफएस), सीएसआईआर–निरी कोलकाता की प्रधान अन्वेषक डॉ. कंचन कुमारी, ए.एन. कॉलेज पटना के डॉ. गौरव सिक्का तथा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष, छात्र कल्याण ने अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. गौरव सिक्का ने शहरी जैव विविधता संरक्षण एवं प्रबंधन को सतत विकास के लिए अनिवार्य बताते हुए छात्रों से प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशील व सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। अन्य वक्ताओं ने भी शहरी विकास योजनाओं में जैव विविधता संरक्षण को शामिल करने, पर्यावरणीय संतुलन एवं जनभागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत शॉल एवं पौध भेंट कर किया गया। स्थानीय ज्ञान सहयोगी एवं महाराजा कॉलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार ने कहा कि शहरी जैव विविधता संरक्षण केवल पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्तरदायित्व भी है। उन्होंने कहा कि तेजी से शहरीकरण के बीच स्थानीय समुदाय, शिक्षा संस्थान और प्रशासनिक इकाइयों के समन्वित प्रयास से ही संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “अर्बन बायोडाइवर्सिटी फोटोग्राफी प्रतियोगिता” रहा। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत चयनित तस्वीरों को पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिनमें शहरी परिवेश की जैव विविधता को संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया। प्रतियोगिता में कुमार कनिष्क राज प्रथम, रवि रंजन द्वितीय तथा सूरज कुमार तृतीय स्थान पर रहे। सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर डॉ. वंदना सिंह एवं श्रीमती विभा देवी को पर्यावरणीय जागरूकता एवं जैव विविधता संरक्षण में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। तकनीकी सत्र में वन विभाग, नगर नियोजन एजेंसियों, नमामि गंगे परियोजना, बुड़को, अर्बन डेवलपमेंट एवं हाउसिंग विभाग, शैक्षणिक संस्थानों व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पैनल चर्चा में शहरी नियोजन में जैव विविधता संरक्षण की रणनीतियों और सतत शहरी प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. द्वीपिका शेखर सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. भावना निगम द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रतिभागियों ने भावी पीढ़ियों के लिए शहरी जैव विविधता संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए इसके लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
 
 
आरा से कोयलांचल लाइव के लिए आशुतोष पांडेय की रिपोर्ट