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राजद के पूर्व विधायक की बिगड़ी बोल, एक जाति पर किया हमला, राजनीतिक हलचल तेज़ 

4/21/2026 1:34:44 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Jehanabad: जहानाबाद की राजनीतिक फिजाओं में एक बार फिर कड़वाहट घुल गई है. किसी महापुरुष के सम्मान में रखे गए कार्यक्रम का मंच जब अपनी मर्यादा खोकर धार्मिक और सामाजिक विद्वेष का केंद्र बन जाए, तो सवाल उठना लाजिमी है. मखदुमपुर के पूर्व विधायक और राजद नेता सतीश दास ने एक बार फिर वही राह पकड़ी है, जिसके लिए वे पहले भी आलोचनाओं के घेरे में रहे हैं. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति अनावरण के बहाने उन्होंने जो शब्द कहे, उसने आस्थावानों और एक विशेष समाज के स्वाभिमान को गहरी चोट पहुँचाई है.जहानाबाद के काको प्रखंड स्थित घटकन गांव में आयोजित एक समारोह में सतीश दास मुख्य वक्ता के तौर पर पहुंचे थे. वहां संबोधन के दौरान उन्होंने तर्क और विज्ञान की आड़ लेकर सीधे तौर पर ब्राह्मण समाज और भगवान हनुमान को निशाने पर लिया. उन्होंने लोगों की समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज एक पढ़े-लिखे नेता की बात को अनसुना कर देता है, लेकिन एक "अंगूठा छाप पंडित" की उन बातों को आसानी से मान लेता है जो गले से नीचे नहीं उतरतीं. उन्होंने सात सूर्यों और हनुमान जी से जुड़ी पौराणिक कथाओं का मजाक उड़ाते हुए बेहद अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया.पूर्व विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर एक नई और विवादास्पद परिभाषा गढ़ने की कोशिश की. मंच से दहाड़ते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सामने वाले के दिमाग को सुन कर दे, वही ब्राह्मण है. उन्होंने आरोप लगाया कि पंडितों की बातों पर लोग बिना दिमाग लगाए विश्वास कर लेते हैं, जबकि जनप्रतिनिधियों की बातों पर शक किया जाता है. सतीश दास के इस बयान ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी खतरे में डाल दिया है.बता दें कि सतीश दास के लिए विवाद कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी उन्होंने भगवान शंकर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद पूरे बिहार में उनकी काफी किरकिरी हुई थी. जानकार मानते हैं कि सतीश दास की इसी जुबानी जंग की वजह से पिछले विधानसभा चुनाव में जनता ने उनका कड़ा विरोध किया था और राजद ने भी उनकी छवि को देखते हुए उनका टिकट काट दिया था. बावजूद इसके, सतीश दास अपनी कार्यशैली बदलने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। 
 
कोयलांचल लाइव के लिए जहानाबाद से पंकज की रिपोर्ट