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सर्जल इमाम को कोर्ट ने  मानवीय आधार पर दी 10 दिनों की पेरौल, सर्जल इमाम भाई के बारात के लिए में लखनऊ हुआ रवाना
 

3/26/2026 11:41:34 AM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Jahanabad  : दिल्ली दंगे एवं देशद्रोह का मुकदमा झेल रहा सर्जल इमाम भाई को कोर्ट ने मानवीय आधार पर10 दिनों की पेरौल दी थी।  सर्जल इमाम अपने भाई के बारात के लिए  लखनऊ रवाना हुआ। दिल्ली दंगा और देशद्रोह के आरोप में पिछले 6 सालों से जेल में बंद शरजील इमाम इन दिनों सुर्खियों में है. शरजील इमाम के छोटे भाई मुजम्मिल इमाम की शादी है, इसीलिए कोर्ट ने मानवीय आधार पर शरजील को 10 दिनों की पेरौल दी थी. मुजम्मिल का बीते 25 मार्च निकाह था। पूरा परिवार जहानाबाद से लखनऊ के लिए रवाना हो चुका है. शरजील इमाम भी अपने छोटे भाई के निकाह में शामिल होने के लिए लखनऊ गया है. इस वक्त जहां पूरा परिवार खुश था, वहीं गाड़ी में बैठा सर्जल इमाम काफी उदास दिखा. उसकी उदासी का कारण वापस सलाखों के पीछे जाने का डर हो सकता है, क्योंकि भाई की शादी होते ही सर्जल इमाम को वापस जेल जाना है. कोर्ट ने सशर्त सर्जल इमाम को अस्थाई तौर पर रिहाई दी थी. पैरोल की अवधि समाप्त होते ही सर्जल इमाम को वापस निर्धारित समय पर जेल अधिकारियों के समक्ष सरेंडर करना होगा. 28 मार्च को आयोजित होने वाले समारोह के बाद 31 मार्च को उन्हें फिर से कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल वापस जाना होगा. पूरा परिवार जहां छोटे बेटे की शादी और बड़े बेटे के घर आने का जश्न मना रहा है, वहीं सर्जल इमाम शायद अभी तक जेल की यादों को भुला नहीं सका है.बता दें कि साल 2020 में दिल्ली में हुए दंगों के बाद सर्जल इमाम को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह लगातार जेल में बंद है. इसी वर्ष 5 जनवरी को उनकी नियमित जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी थी. इसके बाद, उनके वकीलों ने भाई के निकाह और उनकी मां के गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर अंतरिम जमानत की याचिका दायर की थी. अदालत ने इन परिस्थितियों और दलीलों पर विचार करते हुए उन्हें 10 दिनों की सीमित पैरोल की अनुमति प्रदान की है. 6 साल के लंबे अंतराल के बाद यह पहला मौका है जब उसे किसी पारिवारिक समारोह में शामिल होने का अवसर मिला है.
 
जहानाबाद से कोयलांचल लाइव के लिए पंकज कुमार की रिपोर्ट