Jamshedpur : जमशेदपुर समेत पुरे कोल्हान में चैती छठ मनाया गया, चैती छठ के तीसरा दिन आज डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया और छठवर्ती परिवार के सुःख और शांति समृद्धि की कामनाये की।...वहीं पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी शामिल हुए। छठ महापर्व हिंदू धर्म का सबसे कठिन व्रत माना जाता है. इसमें छठ व्रती 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं,सूर्य देव और छठी मईया की उपासना से जुड़ा यह आस्था का महापर्व हैं,छठ पूजा साल में दो बार मनाया जाता है.चैत्र महीने में चैती छठ और कार्तिक महीने में कार्तिकी छठ के रूप में इसे मनाया जाता है।....इस साल 22 मार्च को नहाय खाय के साथ चैती छठ पूजा की शुरुआत हुई है. चार दिवसीय चैती छठ का आज यानी 24 मार्च को तीसरा दिन है. आज व्रत रखकर व्रतधारी डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया,छठ ऐसा एकमात्र पर्व है,जब डूबते हुए सूर्य को भी अर्घ्य देकर पूजा की जाती है.आज छठ व्रती महिलाएं और पुरुष निर्जला व्रत रखकर और कमर तक पानी में डूबकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और संतान के लंबी उम्र की कामना किया। वहीं सिदगोड़ा सूर्यमंदिर और मानगो स्वर्णरेखा नदी ,समेत तालाब और नदी में चैती छठ के दौरान अर्घ्य देने के लिए लोग उमड़ पड़े।
कोलयांचल लाइव के लिए जमशेदपुर से बिनोद केसरी
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