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टांडाबाड़ी बस्ती,सैकड़ों परिवार के सर से उजड़ा आशियाना,लोगों में आक्रोश,कुदरत का कहर या सिस्टम की लापरवाही?

4/24/2026 5:26:53 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Baghamara  : बाघमारा कोयलांचल क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है।सोनारडीह के टांडाबाड़ी बस्ती में गुरुवार की देर रात धरती फटी और देखते ही देखते आधी बस्ती 10 फीट नीचे जमींदोज हो गई। तेज धमाकों के बीच लोग अपनी जान बचाकर भागे, लेकिन कई आशियाने मलबे में तब्दील हो गए। इस हादसे में बाघमारा की पूर्व प्रखंड प्रमुख का घर भी नहीं बचा। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।​तस्वीरों में साफ दिख रहा, यह मंजर किसी जलजले से कम नहीं है।बाघमारा के सोनारडीह ओपी क्षेत्र का टांडाबाड़ी इलाका रात के अंधेरे में अचानक चीख-पुकार से गूंज उठा। एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते जमीन 10 फीट नीचे धंस गई। सड़क हो या मकान, सब कुछ जमीन निगल गई। ​इस भीषण भूधंसान की चपेट में बाघमारा की पूर्व प्रखंड प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया का घर भी आ गया, जो पूरी तरह जमींदोज हो चुका है। हादसे में कुछ लोग भी घायल हुये है, जिनका इलाज धनबाद के असर्फी अस्पताल में जारी है। गनीमत रही कि लोग समय रहते घरों से बाहर निकल आए, वरना एक बड़ी जनहानि हो सकती थी। घटना कि सूचना पाकर घटना स्थल पर बाघमारा सीओ,बीसीसीएल एरिया-03 के जीएम सहित कई बीसीसीएल अधिकारी, सीआईएसएफ के जवान और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने में जुट गये। इधर इस घटना की सूचना पाकर जनता मजदूर संघ के महामंत्री सिद्धार्थ गौतम भी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे।मौजूद अधिकारीयों का कहना है कि फिलहाल प्रभावित सभी लोगों को वाहन मुहैया कराकर बेलगड़ियाँ और कर्माटांड शिफ्ट किया जा रहा है, लोगो से कई बार पूर्णवास के लिये वार्ता कि गई थी लेकिन वार्ता सफल नहीं हो पा रही थी, और आज इतनी बड़ी घटना घट गई, हालांकि जान कि कोई हाताहत नहीं हुई, है कुछ लोग इस घटना में घायल हुये है, जिनका ईलाज चल रहा है। टांडाबाड़ी की यह घटना जिला प्रशासन और बीसीसीएल की उस अनदेखी का नतीजा है जिसे यहां के लोग सालों से झेल रहे हैं।बेघर हुए परिवारों के दिल में लगी आग अभी ठंडी नहीं हुई है। सवाल यह है कि अगर पूर्व में जब दो बार घटना घटी उसी समय बीसीसीएल और जिला प्रशासन को कड़ा कदम उठाकर आज जैसे सिफ्ट किया जा रहा है,समय रहते ही यहाँ के लोगों को सुरक्षित स्थान पर सिफ्ट कर देती तो शायद आज ये आलम देखना नहीं पड़ता।
 
बाघमारा से कोयलांचल लाइव के लिए काशीनाथ की रिपोर्ट