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 सीएम सम्राट चौधरी ने ऐतिहासिक देवघरा के महादेव मंदिर को दी 26.31 करोड़ की बड़ी सौगात, अब होगा विकास 

4/30/2026 1:18:25 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Munger: बिहार के मुंगेर जिले के टेटिया बंबर स्थित ऐतिहासिक देवघरा में विकास की नई किरण दिखाई दे रही है। देवघरा उच्चेश्वर नाथ महादेव मंदिर को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए ₹26.31 करोड़ की बड़ी परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। 26 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसका शिलान्यास किया। अब इस योजना से इलाके की तस्वीर बदलने की उम्मीद है—और सबसे बड़ी बात, स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। नोनाजी पंचायत के देवघरा पहाड़ पर स्थित बाबा उच्चेश्वर नाथ मंदिर अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन के नक्शे पर भी अपनी अलग पहचान बनाएगा। इस स्थान से जुड़ी यह मान्यता है कि महाभारत काल में अज्ञात वास के दौरान पांडव यहां आए थे और अर्जुन ने महादेव की कठोर तपस्या की थी और उन्हें गांडीव धनुष मिला था । इस कारण इस स्थल की मान्यता और भी बढ़ जाती है । करीब 26.7 एकड़ क्षेत्र में फैली इस योजना के तहत 3.5 एकड़ भूमि पर आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। परियोजना को तीन हिस्सों में बांटा गया है । जहां प्रवेश द्वार, विवाह मंडप, हवन कुंड, शिव थीम पार्क और रोपवे बेस स्टेशन जैसे आकर्षण तैयार होंगे । वहीं पहाड़ी के शीर्ष पर हिल टॉप पार्क और सेल्फी प्वाइंट पर्यटकों को खास अनुभव देंगे । साथ ही मंदिर तक पहुंच को आसान बनाने के लिए सीढ़ियां, विश्राम स्थल और यात्री शेड बनाए जाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि पहले यहां आने में काफी दिक्कत होती थी, लेकिन अब सरकार ध्यान दे रही है तो बहुत खुशी हो रही है। इससे हमारे गांव का नाम भी होगा और रोजगार भी मिलेगा। अगर यहां पर्यटन बढ़ेगा तो हम लोगों को यहीं काम मिलेगा। बाहर जाने की जरूरत कम हो जाएगी। ये हमारे लिए बहुत बड़ा मौका है।भीम-बांध वन्यजीव अभयारण्य के पास स्थित होने के कारण यह इलाका पहले से ही प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। खासकर महाशिवरात्रि के मौके पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है जिला ही नहीं जिले से बाह से भी श्रद्धालु यहां पूजा अर्चना को आते है । अब इस इको-टूरिज्म परियोजना के बाद यहां सालभर पर्यटकों का आना-जाना बढ़ने की उम्मीद है। देवघरा के विकास से जहां धार्मिक आस्था को नई पहचान मिलेगी, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक मजबूती का रास्ता भी खुलेगा। कुल मिलाकर, यह परियोजना मुंगेर के पर्यटन मानचित्र को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। 
 
कोयलांचल लाइव के लिए मुंगेर से इम्तियाज़ की रिपोर्ट