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मुनीडीह कोल् वाशरी हादसा अपडेट: नौकरी और मुवाजा पर बानी सहमति ,सुरक्षा को लेकर ऑल इंडिया माइनिंग डिप्लोमा संघ ने कंपनी को घेरा ,कहा ....
 

5/3/2026 11:43:28 AM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad  :-  धनबाद में एक बार फिर कोयला खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बीसीसीएल के मुनीडीह कोलवाशरी में सैलरी लोडिंग के दौरान बड़ा हादसा हुआ, जिसमें चार मजदूरों की दबकर मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर हंगामा हुआ, जिसके बाद देर रात प्रबंधन और परिजनों के बीच वार्ता में मुआवजा और नौकरी पर सहमति बनी। मामला मुनीडीह ओपी क्षेत्र स्थित बीसीसीएल मुनीडीह कोलवाशरी का है, जहां शनिवार शाम सैलरी डंपिंग स्थल पर लोडिंग के दौरान यह दर्दनाक हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि करीब 40 फीट ऊंचे सैलरी डंप के नीचे मजदूरों को ट्रक लोडिंग के लिए भेजा गया था। इसी दौरान अचानक सैलरी भरभराकर गिर गया, जिसमें 6 मजदूर दब गए। इस हादसे में माणिक बाउरी, दिनेश बाउरी, दीपक बाउरी और हेमलाल गोप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने कोलवाशरी गेट के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर रात बीसीसीएल प्रबंधन, पुलिस, यूनियन और परिजनों के बीच वार्ता हुई, जिसमें मृतक आश्रितों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा, आउटसोर्सिंग कंपनी में नौकरी, बच्चों को डीएवी स्कूल में दाखिला और अंतिम संस्कार के लिए 75-75 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। सूत्रों के अनुसार, मजदूरों पर बेहतर गुणवत्ता का सैलरी लोड करने का दबाव था। मना करने पर नौकरी से हटाने की धमकी दी गई थी। आरोप है कि इसी दबाव में मजदूर असुरक्षित स्थान पर काम करने गए और हादसा हो गया। सुरक्षा में भारी लापरवाही को लेकर कोलवाशरी जीएम अरिंदम मुस्ताफी, एजेंट, प्रोजेक्ट ऑफिसर राजेंद्र पासवान और सेफ्टी अधिकारी विद्यासागर बर्णवाल जांच के घेरे में हैं। सबसे बड़ी लापरवाही यह भी सामने आई है कि हादसे की सूचना बीसीसीएल मुख्यालय को करीब 2 घंटे बाद दी गई, जिससे राहत और बचाव कार्य में देरी हुई। बताया जा रहा है कि कोल इंडिया चेयरमैन ने मामले में उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। मौके पर मौजूद और मृतक परिवारों की तरफ से वार्ता में शामिल गोपनाडीह पंचायत के पूर्व मुखिया छोटू कुमार दास ने कहा कि सुरक्षा में लापरवाही के कारण यह घटना हुई है... प्रबंधन ने 20-20 लाख मुआवजा और नौकरी देने पर सहमति दी है... हमने जांच और भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इधर इस घटना पर आल इंडिया डिप्लोमा संघ के प्रवक्ता त्रिलोकी नाथ सिंह ने बताया की किसी खनन कार्य या डम्पिंग यार्ड या स्टोरेज का पूरी सुरक्षा कोलियरी मैनेजर और सेफ्टी अफसर के देख रेख में कार्य होता है। और उनके ही निर्देश पर एक माइनिंग सरदार व ओवर मैन को ड्यूटी रहती है लेकिन यहाँ सुरक्षा के अनुसार ( रेगुलेशन एंड रूल ) का कोई मापदंड नहीं दिखा। जिसको लेकर दुर्घटना हुई और मजदूरों को जान गवानी पड़ी। 
 फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर कोयला खदानों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। या अन्य घटना के तरह ठन्डे बास्ते में डाल दिया जाता है। 
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क