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एक ही परिवार की 5 बेटियां बनीं बिहार पुलिस सिपाही, 30 से ज्यादा लोग पहले से सरकारी-निजी नौकरी में

6/4/2026 1:40:41 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
एक ही परिवार की पांच बेटियों ने बिहार पुलिस में सिपाही पद पर चयनित होकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह परिवार आज पूरे इलाके में “नौकरी वाला खानदान” के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इसके 30 से अधिक सदस्य सरकारी और प्राइवेट नौकरियों में कार्यरत हैं। इस परिवार की सफलता की कहानी संघर्ष और बदलाव से जुड़ी है। शुरुआती दौर में परिवार अशिक्षा और संसाधनों की कमी से जूझ रहा था। गांव में शिक्षा की मजबूत व्यवस्था नहीं थी और सरकारी स्कूल जैसी बुनियादी सुविधा का भी अभाव बताया जाता है। इसके बावजूद लगभग दो दशक पहले परिवार में शिक्षा की शुरुआत निजी प्रयासों के जरिए हुई, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे बदलने लगी। शिक्षा की यह शुरुआत आगे चलकर बड़ा बदलाव लेकर आई। परिवार के युवा पढ़ाई के लिए दूर-दराज जाने लगे और समय के साथ सरकारी नौकरियों में चयन का सिलसिला शुरू हो गया। आज इस परिवार के सदस्य इंजीनियरिंग, रेलवे, सेना (JCO), पुलिस, ग्रुप डी और शिक्षा विभाग समेत कई क्षेत्रों में कार्यरत हैं। हाल ही में सबसे बड़ी उपलब्धि तब सामने आई जब इस परिवार की पांच बेटियों ने एक साथ बिहार पुलिस में चयन प्राप्त किया। इनमें चार सगी और चचेरी बहनें हैं, जबकि एक बहू भी शामिल है। सभी ने सीमित संसाधनों के बावजूद ऑनलाइन पढ़ाई और सेल्फ स्टडी के माध्यम से तैयारी की। उन्होंने एक-दूसरे का सहयोग करते हुए पढ़ाई की और कठिन मेहनत के दम पर यह सफलता हासिल की। परिवार के अनुसार पहले बेटियों की शिक्षा को उतना महत्व नहीं दिया जाता था, लेकिन अब सोच पूरी तरह बदल चुकी है। बेटियों को भी समान अवसर और प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिसका परिणाम यह ऐतिहासिक सफलता है। सफल बेटियों ने बताया कि उन्होंने घर के कामों के साथ-साथ पढ़ाई को जारी रखा और लगातार मेहनत की। फिजिकल टेस्ट की तैयारी के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर जाकर अभ्यास करना पड़ा। परिवार का कहना है कि आज भी इलाके में सरकारी स्कूल की कमी है, लेकिन इसके बावजूद यह परिवार शिक्षा और संघर्ष की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है। पांच बेटियों की यह उपलब्धि न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण का मजबूत संदेश देती है।
 
गया से कोयलांचल लाइव के लिए मनोज कुमार की रिपोर्ट