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MMDR विधेयक को लेकर राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने दिया बड़ा बयान!  

8/29/2026 5:06:54 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad: झारखंड की खनिज संपदा और उसके अधिकार को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। MMDR यानी Mines and Minerals (Development and Regulation) Act में बदलाव और इसके प्रावधानों को लेकर केंद्र और झारखंड सरकार के बीच टकराव बढ़ता नजर आ रहा है। एक ओर केंद्र सरकार का कहना है कि MMDR Act में किए गए प्रावधान राज्यों के हित में हैं और इससे खनिज संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के साथ विकास को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दूसरी ओर झारखंड में JMM और कांग्रेस ने इन प्रावधानों का विरोध तेज कर दिया है। वही धनबाद पहुंचे JMM सांसदों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि MMDR Act में बदलाव के जरिए राज्यों के अधिकार और उनकी भूमिका को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। सांसदों का कहना है कि झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। झारखंड की धरती कोयला, लौह अयस्क समेत कई महत्वपूर्ण खनिजों से समृद्ध है। राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिज संपदा की बड़ी भूमिका है। ऐसे में खनिजों के अधिकार, राजस्व और हिस्सेदारी को लेकर शुरू हुई बहस अब राजनीतिक रंग ले चुकी है। इसको लेकर JMM की राज्यसभा सांसद महुआ माजी और राजमहल सांसद विजय हांसदाक ने केंद्र सरकार के प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि झारखंड की धरती से निकलने वाले खनिजों पर राज्य के हित और अधिकार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खनिज संपदा से जुड़े फैसलों में राज्यों की भूमिका को भी मजबूत बनाए रखना जरूरी है।
JMM सांसदों ने केंद्र पर झारखंड के साथ ‘सौतेला व्यवहार’ करने का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि खनिज संपदा से मिलने वाले लाभ में राज्यों की भूमिका और हिस्सेदारी स्पष्ट होनी चाहिए। खासकर झारखंड जैसे खनिज बहुल राज्य के अधिकारों में किसी भी तरह की कटौती राज्य के राजस्व, रोजगार और विकास पर असर डाल सकती है। MMDR Act को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ खनिज नीति तक सीमित नहीं है। यह मामला केंद्र और राज्यों के अधिकारों को लेकर एक बड़ी राजनीतिक बहस बनता जा रहा है। JMM ने साफ कर दिया है कि झारखंड की खनिज संपदा और राज्य के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार विपक्ष के इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और MMDR से जुड़े प्रावधानों को लेकर झारखंड की सियासत आगे किस दिशा में जाती है।
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क