Date: 13/06/2026 Saturday
ABOUT US
ADVERTISE WITH US
Contact Us
Koylanchal Live
बड़ी खबरें
देश प्रदेश
राज्य
MUMBAI
महाराष्ट्र
राजस्थान
गुजरात
उत्तराखंड
पश्चिम बंगाल
तमिलनाडु
ओडिशा
पंजाब
झारखण्ड
उत्तर प्रदेश
जम्मू कश्मीर
दिल्ली
आंध्र प्रदेश
बिहार
छत्तीसगढ़
MADHYA PRADESH
HIMACHAL PARADESH
राजधानी
रांची
पटना
लखनऊ
राजनीति
अपराध जगत
स्पोर्ट्स
वर्ल्ड न्यूज़
बिज़नेस
इंटरटेनमेंट
कोयलांचल लाइव TV
फोटो गैलरी
एंबुलेंस व्यवस्था की लापरवाही बनी मौत की वजह? घटना ने उठाए गंभीर सवाल
6/13/2026 11:52:47 AM IST
22
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Jamtara
: स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार और विभागीय अधिकारियों के बड़े-बड़े दावों के बीच जामताड़ा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में एक गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल सकी, जिसके कारण परिजनों को ट्रैक्टर पर खटिया रखकर उसे अस्पताल पहुंचाना पड़ा। अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। मामला जामताड़ा प्रखंड की गोपालपुर पंचायत अंतर्गत शहरबेड़ा गांव का है। जानकारी के अनुसार गांव निवासी मोनू टुडू की शुक्रवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया, लेकिन आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंची। मरीज की हालत लगातार गंभीर होती देख परिजनों और ग्रामीणों ने खुद ही उसे अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। गांव में उपलब्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली पर खटिया रखकर मोनू टुडू को जामताड़ा सदर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। उनका कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती तो संभवतः मरीज की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत का मामला नहीं है, बल्कि जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को भी सामने लाती है। एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और डिजिटल हेल्थ सिस्टम के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आज भी ट्रैक्टर और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा ने जिले में एंबुलेंस की कमी स्वीकार की। उन्होंने बताया कि जिले में पहले 13 एंबुलेंस संचालित थीं, लेकिन वर्तमान में 8 एंबुलेंस लंबे समय से खराब पड़ी हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों और संबंधित एजेंसी को कई बार जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। मोनू टुडू की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी एंबुलेंस व्यवस्था ही चरमराई हुई है, तो ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा कैसे मिलेगी? अब लोगों की निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि इस घटना के बाद व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
जामताड़ा से कोयलांचल लाइव के लिए निशिकांत मिस्त्री की रिपोर्ट
Disclaimer:
Tags:
0 comments. Be the first to comment.
सम्बंधित खबरें
#
NGT प्रतिबंध के बीच खनन विभाग की कार्रवाई, दो बालू लदे ट्रैक्टर जब्त
#
विद्युत कार्य के दौरान करंट लगने से 26 वर्षीय बिजली मिस्त्री की मौत, परिवार में मातम
#
रमना मैदान में बढ़ती भीड़ बनी बड़ी चुनौती, सुबह-शाम अतिरिक्त गेट खोलने की उठी मांग
#
कदमा फायरिंग कांड का खुलासा, मुख्य आरोपी समेत चार अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
#
जमीनी विवाद में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आठ आरोपी गिरफ्तार
ट्रेंडिंग न्यूज़
#
सांसद जन उद्यम खेल-सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने किया उद्घाटन, शराबबंदी पर कहा ...
#
Raja Shivaji फिल्म को लेकर चर्चा तेज़, एडवांस बुकिंग हुई चालू
#
रामनवमी को लेकर बाजारों में चहल- पहल
#
पुराने विवाद में हुई बमबाजी, बाल बाल बचे कई लोग,दहशत में ग्रामीण, पुलिस ने मौके से पकड़ा ...
#
संतोष बने हरिहरपुर थाना प्रभारी, शुद्धाशु को ईस्ट बसुरिया की कमान