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उद्घाटन के 7 साल बाद भी चालू नहीं हुआ विद्युत शवदाह गृह, खंडहर में तब्दील हुई सरकारी योजना..

10/27/2026 11:06:45 AM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team

Jamtara : जामताड़ा झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग के अंतर्गत जामताड़ा नगर पंचायत द्वारा साल 2019 में बनकर तैयार हुआ विद्युत शवदाह गृह आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। तत्कालीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षदों द्वारा बड़े उत्साह के साथ इसका उद्घाटन तो किया गया था, लेकिन उद्घाटन के बाद से ही यह आज तक चालू नहीं हो सका है। देखरेख के अभाव में यह धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहा है और पूरा परिसर जंगल का रूप लेता जा रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर जामताड़ा जिला चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को पत्र लिखकर सतसाल के अजय नदी घाट के दूसरी छोर पर बने इस विद्युत शवदाह गृह को चालू कराने और प्रथम छोर पर स्थित वर्तमान श्मशान घाट के जीर्णोद्धार की मांग की है। चेम्बर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि विद्युत शवदाह गृह के चालू होने से जामताड़ा जिले की जनता को उम्मीद जगी थी कि वे अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार बिना किसी परेशानी के कर सकेंगे। लेकिन इसके बंद रहने के कारण वर्षा ऋतु (बरसात) में शव जलाने के लिए सूखी लकड़ी नहीं मिल पाती है। इससे खासकर गरीब परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और वे अपने मृत परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में 7 अगस्त 2025 को तत्कालीन उपायुक्त रवि आनन्द को पत्र लिखकर इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया था। तत्कालीन उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए बंद पड़े शवदाह गृह का निरीक्षण कर उसे चालू कराने का आदेश जिले के पदाधिकारियों और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को दिया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस आदेश के 9 महीने बीत जाने के बाद भी विद्युत शवदाह गृह चालू नहीं हो पाया है। इसके बाद पुनः 4 मई 2026 को भी इस संबंध में निवेदन किया गया था। चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने प्रशासन से नम्र निवेदन किया है कि सतसाल के अजय नदी घाट के दूसरी छोर पर बने इस विद्युत शवदाह गृह का तुरंत निरीक्षण कर इसे चालू कराया जाए, ताकि जिले वासियों को लकड़ियों की किल्लत और अन्य परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही नदी के पहले छोर पर स्थित पुराने श्मशान घाट का भी जीर्णोद्धार करने की मांग की गई है। इस पत्र की प्रतिलिपि (कॉपी) नगर विकास मंत्री (झारखंड सरकार, रांची), स्वास्थ्य एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री, नगर विकास विभाग के सचिव और जामताड़ा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को भी उचित कार्रवाई और सूचनार्थ भेजी गई है।

 

जामताड़ा से कोयलांचल लाइव के लिए निशिकांत मिस्त्री की रिपोर्ट