Date: 20/06/2026 Saturday
ABOUT US
ADVERTISE WITH US
Contact Us
Koylanchal Live
बड़ी खबरें
देश प्रदेश
राज्य
MUMBAI
महाराष्ट्र
राजस्थान
गुजरात
उत्तराखंड
पश्चिम बंगाल
तमिलनाडु
ओडिशा
पंजाब
झारखण्ड
उत्तर प्रदेश
जम्मू कश्मीर
दिल्ली
आंध्र प्रदेश
बिहार
छत्तीसगढ़
MADHYA PRADESH
HIMACHAL PARADESH
राजधानी
रांची
पटना
लखनऊ
राजनीति
अपराध जगत
स्पोर्ट्स
वर्ल्ड न्यूज़
बिज़नेस
इंटरटेनमेंट
कोयलांचल लाइव TV
फोटो गैलरी
ईरान इस्राइल युद्ध में तनाव के चलते भारत ने अपनाई खास रणनीति, बढ़ाया कच्चे तेल का आयात
6/22/2025 11:17:08 AM IST
7519
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Edited By-Sanjana Singh
Delhi
:ईरान इस्राइल युद्ध में अमेरिका की एंट्री हो चुकी है। अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर रविवार तड़के बम बरसाए। जिसके बाद ईरान ने भी पलटवार की धमकी दी है। इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका है। इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ेगा। हालांकि भारत ने पहले ही हालात को भांपते हुए रणनीति के तहत रूस और अमेरिका से कच्चे तेल का आयात बढ़ा दिया है। भारत ने जून महीने में रूस से इतना तेल खरीदा है, जो पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों से खरीदे गए कुल कच्चे तेल से भी ज्यादा है।
रूस से तेल खरीद में भारी उछाल
वैश्विक व्यापार विश्लेषक फर्म कैपलर के आंकड़ों के मुताबिक भारत ने जून महीने में रूस से 20-22 लाख बैरल प्रति दिन के हिसाब से कच्चे तेल की खरीद की है। यह बीते दो साल में सबसे ज्यादा है। मई माह में भारत ने रूस से तकरीबन 11 लाख बैरल प्रति दिन के हिसाब से कच्चा तेल खरीदा था। भारत पहले रूस से अपनी जरूरत का महज एक प्रतिशत तेल ही आयात करता था, लेकिन अब इसमें भारी बढ़ोतरी हुई है और अब भारत अपने कुल तेल आयात का 40-44 प्रतिशत तेल रूस से मंगाता है।
पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के चलते भारत ने अपनी आयात रणनीति में बदलाव किया है। भारत ने जून माह में इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत से कुल करीब 20 लाख बैरल प्रति दिन तेल की खरीद की है। हालांकि तनाव बढ़ने से तेल के दाम बढ़ सकते हैं। ईरान ने धमकी दी थी कि अगर अमेरिका इस्राइल के साथ उसके युद्ध में शामिल हुआ तो वे होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हमले करेंगे। भारत का 40 प्रतिशत तेल अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत पहुंचता है। ईरान के समर्थन में हूती विद्रोही भी लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना सकते हैं। जिससे खाड़ी के देशों से तेल आयात को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। यही वजह है कि भारत ने खाड़ी देशों पर अपनी तेल निर्भरता को घटाया है।
अमेरिका से भी आयात बढ़ाया
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक है लेकिन रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद, जब रूस ने भारत को तेल खरीद पर भारी रियायत दी तो भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ा दिया। अब भारत अपने तेल आयात के लिए खाड़ी देशों पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि अब हम रूस के साथ ही अमेरिका, लैटिन अमेरिकी देशों से भी कच्चे तेल की खरीद कर रहे हैं। हालांकि अमेरिका से हमें तेल आयात महंगा पड़ता है। कैपलर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने जून में अमेरिका से हर हिन 4.39 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद की, जबकि पूर्व में यह आंकड़ा 2.80 लाख बैरल प्रति दिन था। भारत करीब 51 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद करता है, जिससे भारत की रिफाइनरियों में पेट्रोल और डीजल अलग किया जाता है।
कोयलांचल लाइव डेस्क
Disclaimer:
Tags:
0 comments. Be the first to comment.
सम्बंधित खबरें
#
AI में भारत की बड़ी छलांग: मोदी ने VivaTech 2026 में भारत को बताया Global Tech Hub
#
सोना-चांदी हुआ सस्ता! खरीदारी और निवेश का सुनहरा मौका
#
‘Bharat Innovates 2026’ इवेंट में बड़ा धमाका, 120+ स्टार्टअप्स और 500 निवेशकों की भागीदारी से बढ़ी निवेश की
#
FSSAI का बड़ा कदम! अब Healthy, Organic और Zero Maida जैसे दावों पर लगेगी लगाम
#
वैश्विक तनाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत, GDP ग्रोथ 6.6% के आसपास रहने का अनुमान
ट्रेंडिंग न्यूज़
#
प्रदूषण नियंत्रण, नियोजन सहित कई मांगो को लेकर पार्षद ने नेतृत्वके आउटसोर्सिंग का हुआ चक्का जाम
#
पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, लेकिन 4 साल के उच्चतम स्तर पर; आम जनता पर बढ़ा बोझ
#
प्रधानमंत्री मोदी के नाम दर्ज हुआ नया कीर्तिमान,आरा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने की विशेष पूजा-अर्चना
#
ठंडे पानी और शेड के अभाव में यात्रियों की बढ़ी परेशानी, सुविधाओं पर उठे सवाल
#
बाघमारा CHC में ऑक्सीजन की कमी से नवजात की हुई मौत, परिजनों ने किया हंगामा,चक प्रभारी ने कहा ...