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Jharkhand Gorvnment Salary Delay first time in 26 years :झारखंड कर्मचारियों को पहली बार 15 दिनों की देरी से मिलेगी वेतन
4/8/2026 9:25:41 PM IST
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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Ranchi: झारखंड के 26 वर्षों के इतिहास में पहली बार आठ अप्रैल तक कर्मियों को मार्च माह का वेतन नहीं मिला है।इसमें लगभग एक सप्ताह का वक्त और लगेगा। वेतन नहीं मिल पाने के पीछे सबसे बड़ा कारण अनुमान लगाने में वित्त विभाग की विफलता रही है। दूसरा बड़ा कारण है केंद्र से विभिन्न मदों में मिलनेवाले ग्रांट का अटकना।
राज्य सरकार अंतिम समय तक ग्रांट की आस लगाए बैठी रही। अंतिम समय में ग्रांट के लिए निर्धारित शर्तों में भी परिवर्तन की बात सामने आ रही है। फिलहाल, वित्त मंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार के अधिकारी सैलरी बांटने को लेकर प्रयासों में जुटे हैं। हालांकि, अधिकृत तौर पर पैसा नहीं होने की बात कोई स्वीकार नहीं कर रहा है।झारखंड के सरकारी कर्मियों को आठ अप्रैल की तारीख तक मार्च माह का वेतन नहीं मिला है। हालांकि, सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन का भुगतान कर दिया गया है।
अलग राज्य बनने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। इसके पूर्व वर्ष 2013-14 में अप्रैल महीने में तीन दिनों की देरी से वेतन मिला था। उस वक्त एपी सिंह वित्त सचिव थे और तीन दिनों की देरी होने से ही हंगामा मच गया था।
सूत्रों के अनुसार, वित्त विभाग ने कर्ज लेने को लेकर पिछले महीने तैयारी की थी, लेकिन मुख्यमंत्री की सहमति नहीं मिली। अंतिम समय तक सरकार ग्रांट के माध्यम से मिलने वाली राशि के लिए प्रयास करती रही। हालांकि, ग्रांट की राशि नहीं मिली।
जीएसटी के माध्यम से मिलने वाली राशि में भी कमी आई है। अब मुख्यमंत्री के लौट आने के बाद नए सिरे से ऋण लेने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
स्वीकृत सीमा से कम लिया है ऋण
राज्य सरकार ने अभी तक स्वीकृत सीमा से कम ऋण लिया है। राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार के एफआरबीएम एक्ट के तहत किसी अपने कुल सकल घरेलू उत्पाद के लिहाज से तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकते हैं। झारखंड ने अभी तक इससे कम ही ऋण लिया है।
रांची से कोयलांचल लाइव के लिए एन तिवारी की रिपोर्ट
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