Date: 13/05/2026 Wednesday
ABOUT US
ADVERTISE WITH US
Contact Us
Koylanchal Live
बड़ी खबरें
देश प्रदेश
राज्य
MUMBAI
महाराष्ट्र
राजस्थान
गुजरात
उत्तराखंड
पश्चिम बंगाल
तमिलनाडु
ओडिशा
पंजाब
झारखण्ड
उत्तर प्रदेश
जम्मू कश्मीर
दिल्ली
आंध्र प्रदेश
बिहार
छत्तीसगढ़
MADHYA PRADESH
HIMACHAL PARADESH
राजधानी
रांची
पटना
लखनऊ
राजनीति
अपराध जगत
स्पोर्ट्स
वर्ल्ड न्यूज़
बिज़नेस
इंटरटेनमेंट
कोयलांचल लाइव TV
फोटो गैलरी
तोपचांची झील में दो युवकों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, स्थानीय युवाओं को गार्ड और गोताखोर बनाने की मांग
5/13/2026 2:07:25 PM IST
11
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad: धनबाद जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर एनएच-19 के समीप स्थित तोपचांची झील जिले समेत दूसरे राज्यों के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। छुट्टियों और विशेष अवसरों पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था नाकाफी होने के कारण पर्यटकों की जान जोखिम में पड़ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि झील परिसर में ना तो पर्याप्त सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं और ना ही गोताखोरों की व्यवस्था है। इतना ही नहीं, पर्यटकों के साथ छेड़खानी की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। 9 मई को झील में डूबने से झरिया कोयरी बांध निवासी कोयला व्यवसायी संदीप झुनझुनवाला के 22 वर्षीय पुत्र अमन झुनझुनवाला और गोविंदपुर थाना क्षेत्र के गांव बस्ती निवासी 22 वर्षीय अरमान आलम की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि झील परिसर में स्थानीय युवाओं को सुरक्षा गार्ड और गोताखोर के रूप में नियुक्त किया जाए, ताकि एक ओर युवाओं को रोजगार मिले और दूसरी ओर हादसों पर तत्काल नियंत्रण किया जा सके। वहीं जेएमएम विधायक मथुरा महतो के प्रतिनिधि जगदीश चौधरी ने सुरक्षा व्यवस्था में कमी के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि कई बार पर्यटक खुद सावधानी नहीं बरतते, जिसकी वजह से हादसे होते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि झील के चारों ओर जाली लगाकर बैरिकेडिंग करने की तैयारी की जा रही है, ताकि लोग खतरनाक हिस्सों तक नहीं पहुंच सकें। इधर झमाडा प्रबंधक आशीष गंगवार ने कहा कि झील में उतरने और नहाने से मना करने वाले बोर्ड पहले से लगाए गए हैं, लेकिन लोग मौज-मस्ती में चेतावनी को नजरअंदाज कर पानी में चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए झील के चारों ओर जाली लगाने समेत अन्य सुरक्षा उपायों पर काम किया जा रहा है। तोपचांची झील में लगातार हो रहे हादसे यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि आखिर पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत कब समझी जाएगी। अब देखना होगा कि इस दर्दनाक घटना के बाद झमाडा प्रशासन सुरक्षा को लेकर कितने ठोस और प्रभावी कदम उठाता है।
संजना सिंह
कोयलांचल लाइव डेस्क
Disclaimer:
Tags:
0 comments. Be the first to comment.
सम्बंधित खबरें
#
पेट्रोल पंपों पर लगी वाहनों की लम्बी कतार
#
स्कूली छात्राओं ने चलाया नशा मुक्ति अभियान, लोगो को किया जागरूक
#
वीरग्राम में 24 पहर संकीर्तन का हुआ शुभारंभ, निकली भव्य कलश यात्रा
#
गढ़वा में अस्पताल होंगे पूरी तरह डिजिटल, मरीजों को नहीं पड़ेगी कागजात की जरूरत
#
पीएम नरेंद्र मोदी कीअपील का दिखा असर,साईकिल से न्यायालय पहुंचे औरंगाबाद के प्रधान न्यायाधीश
ट्रेंडिंग न्यूज़
#
दस्तावेज लिपिक संघ के अध्यक्ष,सचिव,कोषाध्यक्ष ने लिया शपथ
#
आदिवासी सेंगेल अभियान ने अपने विभिन्न मांग को लेकर निकाला रैली ,जिला प्रसासन के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा मांग पत्र
#
हल्दी की रस्म के दौरान दूल्हे को सांप ने निगला ,शहनाई के जगह चीख-पुकार की उठी गूंज
#
त्योहारों को लेकर प्रशासन सतर्क, शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर
#
लापता मासूम का कंकाल मिलने से सनसनी,इलाके में दहशत