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सुहागिनों महिलाओ  ने पति की दीर्घायु के लिए रखा निर्जला व्रत,किया वट सावित्री का पूजा 

5/16/2026 12:00:05 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Jamshedpur  :जमशेदपुर में  वट सावित्री पूजा को लेकर भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही सुहागिन महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी, वट वृक्ष के नीचे पहुंचीं और निर्जला व्रत रखकर पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए वट वृक्ष की परिक्रमा की, पूजा की और कच्चा सूत बांधा। कई जगहों पर सामूहिक पूजा का आयोजन हुआ, जहां महिलाओं ने सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा श्रद्धापूर्वक सुनी। पूजा स्थलों पर चारों ओर भक्तिमय वातावरण  रहा और महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया। पूजा के महत्व को लेकर मंदिर पुजारी चंदन मिश्रा ने बताया कि वट सावित्री व्रत का गहरा धार्मिक महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार, माता सावित्री ने अपने पति सत्यवान की मृत्यु के बाद यमराज से उनके प्राण वापस पाने के लिए कठोर तपस्या की और तीन दिन का निर्जला व्रत रखा। उन्होंने वट वृक्ष के नीचे ही यह तप किया था। इसी कारण आज भी सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। पुजारी ने  कहा कि वट वृक्ष सनातन संस्कृति में दीर्घायु, स्थिरता और जीवन शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस दिन इसकी पूजा कर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहने की प्रार्थना की जाती है। 
 
जमशेदपुर से कोयलांचल लाइव के लिए बिनोद केसरी की रिपोर्ट