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 केरुवाडूंगरी पंचायत माहवारी स्वच्छता जागरूकता की दिशा में बना नया मिशाल

5/16/2026 4:41:42 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
जमशेदपुर :बदलते जमाने के साथ माहवारी स्वच्छता व महिला मुद्दों को लेकर जागरूकता अब धीरे धीरे बढ़ रही है, लेकिन असल बदलाव हेतु जागरूकता को गांव के अंतिम व्यक्ति तक ले जाना अहम बात है। गांव देश की सबसे छोटी इकाई है, और पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से गांवों के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंच सकती है, इस दिशा में झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले स्थित केरूआडूंगरी पंचायत एक मिशाल बन कर उभर रहा है। पंचायत के प्रत्येक महिला को माहमारी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और बेहतर स्वास्थ्य हेतु सैनिटरी पैड के उपयोग करने की दिशा में प्रयास लगभग तीन वर्ष पहले शुरू किया गया था। पंचायत के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन के प्रयास से अब यह प्रयास एक महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुंचने को है।।.... शनिवार को केरुवाडुगरी पंचायत के मुखिया कान्हु मुर्मू ने तुरामडीह गांव को पंचायत का पहला "मेंस्ट्रुअल वेस्ट फ्री विलेज" घोषित किया। अब गांव की सभी महिलाएं माहवारी के प्रति समाज में व्याप्त टैबू को तोड़ रही है, वही सभी महिलाएं पर्यावरण अनुकूल रियूजेबल सैनिटरी पैड का इस्तेमाल कर रही है। इससे महिलाओं को हर महीने सैनिटरी पैड पर होने वाले खर्च से मुक्ति मिल रही है, वही इससे सैनिटरी पैड से उत्पन्न होने वाले अपशिष्ट से भी पर्यावरण को हानि नहीं होती। जल्द ही पंचायत के सभी गांवों को "मेंस्ट्रुअल वेस्ट फ्री विलेज" घोषित किया जाएगा, जिससे समूचा पंचायत ही मेंस्ट्रुअल वेस्ट फ्री बन जाएगा। जो संभवतः झारखंड का पहला पंचायत होगा। मौके पर उपस्थित झारखंड के पैडमैन के नाम से मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता व सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक तरुण कुमार ने कहा कि दशक भर पहले हमने कल्पना की थी कि गांवों की सभी महिलाएं माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक हो, वह अपनी शर्म छोड़े, गांवों की सभी महिलाएं सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करें, वर्षों के प्रयास के बाद अब यह कई गांवों में सम्भव होता दिख रहा है। माहवारी स्वच्छता व महिला मुद्दों से जुड़े सामाजिक मुद्दों में बड़े पैमाने पर बदलाव लाने हेतु, समाज को अंधविश्वास को दूर करने हेतु पंचायत व जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम है। इस दिशा में केरूवाडूंगरी पंचायत के द्वारा गांवो को मेंस्ट्रुअल वेस्ट फ्री बनाना बेहद ही उत्साहवर्धक है।अगर यह अभियान इसी तरह लगातार जारी रहे तो निश्चय ही निकट भविष्य में झारखंड क्या पुरे भारत के पंचायतों के लिए एक नई मिशाल बनेगा। 
 
जमशेदपुर से कोयलांचल लाइव के लिए बिनोद केसरी की रिपोर्ट