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प्राकृत विषय में पद सृजन की मांग को लेकर संघर्ष मोर्चा ने की बैठक, शिक्षा मंत्री एवं राज्यपाल को सौपा ज्ञापन 

5/18/2026 5:39:58 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Aara: प्राकृत संघर्ष मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालयों में प्राकृत विषय के लिए स्थायी पदों के सृजन को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस मांग को लेकर कुलपति, शिक्षा मंत्री एवं राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा, ताकि प्राकृत एवं जैन शास्त्र के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के हितों की रक्षा हो सके। वक्ताओं ने कहा कि प्राकृत भाषा भारतीय संस्कृति, इतिहास तथा जैन दर्शन की अमूल्य धरोहर है, लेकिन विश्वविद्यालयों में इस विषय के लिए पर्याप्त पद उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि समय रहते पदों का सृजन नहीं किया गया तो प्राकृत विषय का भविष्य प्रभावित हो सकता है। बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन प्राकृत एवं जैन शास्त्र के अध्ययन-अध्यापन को बढ़ावा देने के लिए स्थायी पदों का सृजन करे तथा योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर विषय को नई पहचान देने की दिशा में ठोस कदम उठाए। संघर्ष मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन चलाने का भी निर्णय लिया। इसके तहत संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे और विद्यार्थियों व शोधार्थियों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। बैठक में दूधनाथ चौधरी, हरेंद्र प्रसाद सिंह, अमित कुमार, रामधनी राम, नंदकुमार तिवारी, शन्नू पासवान, मोनी कुमारी, संगीता कुमारी, सत्यम पासवान, चांदनी कुमारी, प्रियंका कुमारी मौर्या, रत्नेश कुमार, उमाकांत प्रसाद, विवेक कुमार, मंगलेश कुमार सिंह, मनीष कुमार सिंह, रामजीत पंडित, मंजू देवी, धर्मेंद्र कुमार, राजीव कुमार, निधि राज, मीनाक्षी शर्मा, अरविंद कुमार, रंजीत कुमार सिंह, वीणा कुमारी, पुष्पा कुमारी, सोनी कुमारी, श्वेता राज, कुमारी उदिता सहित बड़ी संख्या में प्राकृत एवं जैन शास्त्र के विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
 
कोयलांचल लाइव के लिए आरा से आशुतोष की रिपोर्ट