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वीर सपूत के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब, राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार

7/2/2026 3:24:17 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Jahanabad : सीमा की रक्षा के लिए समर्पित बिहार के जहानाबाद के वीर जवान अवधेश कुमार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर जैसे ही पैतृक गांव पुनीत बिगहा पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी, जबकि उनके 7 वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि देकर सभी को भावुक कर दिया। जहानाबाद के सदर प्रखंड स्थित पुनीत बिगहा गांव निवासी सेना के जवान अवधेश कुमार का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक घर पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। "भारत माता की जय" और "शहीद अवधेश कुमार अमर रहें" के नारों के बीच लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अवधेश कुमार वर्ष 2012 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनकी पहली तैनाती लेह में हुई थी। बाद में वाघा बॉर्डर पर तैनाती के दौरान अत्यधिक ठंड के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उनकी बाईपास सर्जरी भी हुई थी। स्वस्थ होने के बाद उन्होंने फिर से देश सेवा शुरू कर दी। परिजनों के मुताबिक, मई महीने में छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटने के कुछ दिन बाद 7 जून को उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें दिल्ली के सेना के आरआर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन के दौरान हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से गया लाया गया और फिर जहानाबाद पहुंचाया गया। सेना ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। अंतिम संस्कार के दौरान उनके 7 वर्षीय बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी, जिसे देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। अवधेश कुमार अपने पीछे वृद्ध मां, पत्नी, 11 वर्षीय बेटी और दो छोटे बेटों को छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार में पूर्व सांसद डॉ. जगदीश शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सेना के अधिकारियों ने परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा भी दिया।
 
जहानाबाद से कोयलांचल लाइव के लिए पंकज कुमार की रिपोर्ट