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INS महेंद्रगिरि नौसेना में शामिल, आत्मनिर्भर भारत को मिली नई ताकत, समुद्री सुरक्षा होगी और मजबूत

7/11/2026 1:14:05 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
भारत की समुद्री सुरक्षा को बड़ी मजबूती मिली है। भारतीय नौसेना ने 11 जुलाई को विशाखापत्तनम में स्वदेशी स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि (F-38) को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल कर लिया। यह प्रोजेक्ट-17A के तहत शामिल होने वाला छठा स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट है और इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। INS महेंद्रगिरि का डिजाइन भारतीय नौसेना के वारशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है, जबकि इसका निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने किया है। इस युद्धपोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का उपयोग किया गया है, जो भारत की रक्षा निर्माण क्षमता को दर्शाता है। यह आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट उन्नत मिसाइल प्रणाली, अत्याधुनिक सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और पनडुब्बी रोधी क्षमता से लैस है। कम रडार सिग्नेचर और हाई ऑटोमेशन जैसी विशेषताएं इसे समुद्री अभियानों में अधिक प्रभावी बनाती हैं। यह युद्धपोत वायु, सतह और पनडुब्बी—तीनों तरह के खतरों से निपटने में सक्षम है। भारतीय नौसेना के अनुसार, INS महेंद्रगिरि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगा। इसके साथ ही यह समुद्री निगरानी, मानवीय सहायता, आपदा राहत और रणनीतिक अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस युद्धपोत के शामिल होने से भारत के 2035 तक 200 युद्धपोतों वाली नौसेना के लक्ष्य को भी गति मिलेगी। INS महेंद्रगिरि का नौसेना में शामिल होना केवल एक नए युद्धपोत की तैनाती नहीं, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता, आधुनिक तकनीक और बढ़ती समुद्री शक्ति का मजबूत संदेश भी है। 
 
कोयलांचल लाइव डेस्क