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“फांसी मंजूर, माफी नहीं!” बरवाअड्डा विवाद पर जयराम महतो का पुलिस एसोसिएशन को खुला चैलेंज

8/26/2026 3:43:01 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad :  बरवाअड्डा थाना परिसर में हुए विवाद और डुमरी विधायक जयराम महतो के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के बाद मामला लगातार गरमाता जा रहा है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन की ओर से विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग के बाद अब जयराम महतो ने भी कड़ा पलटवार किया है। मीडिया से बातचीत में विधायक ने दो टूक कहा कि वे फांसी पर चढ़ जाएंगे, लेकिन माफी नहीं मांगेंगे।
 
जयराम महतो ने पुलिस एसोसिएशन पर निशाना साधते हुए कहा कि वे किसी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने भ्रष्ट पदाधिकारियों के खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद रखने की बात कही। विधायक ने साफ किया कि अगर गलत कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी, तो वे इसके लिए भी तैयार हैं।
 
दरअसल, 21 अगस्त को बरवाअड्डा थाना परिसर में हुए विवाद को लेकर जयराम महतो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर कथित मारपीट, गाली-गलौज और हाजत में बंद एक आरोपी को जबरन छुड़ाने का आरोप लगाया गया है। मामले के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बरवाअड्डा थाना प्रभारी के समर्थन में मोर्चा खोला और विधायक से सार्वजनिक माफी की मांग की थी।
 
हालांकि, जयराम महतो ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे खुद को कानून से ऊपर नहीं मानते। उनका कहना है कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के पर्याप्त साक्ष्य हैं, तो कानून अपना काम करे, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष और साक्ष्य के आधार पर होनी चाहिए।
 
विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र :-
 
विवाद के बीच जयराम महतो ने झारखंड विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। विधायक ने पत्र में कहा है कि वे विधानसभा के निर्वाचित सदस्य हैं और सदन के प्रत्येक सदस्य की गरिमा, प्रतिष्ठा और अधिकारों की रक्षा करना विधानसभा अध्यक्ष का संवैधानिक दायित्व है।
 
उन्होंने कहा कि उन्हें किसी विशेष छूट या संरक्षण की जरूरत नहीं है। अगर उन्होंने कोई गंभीर अपराध किया है और उसके पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन केवल आरोपों के आधार पर कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
 
सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग :-
 
जयराम महतो ने 21 अगस्त की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वे गणेश दास नामक व्यक्ति के पुलिस हिरासत में होने और उसके साथ कथित मारपीट की सूचना मिलने के बाद थाना पहुंचे थे। विधायक का दावा है कि उन्होंने केवल मामले की जानकारी लेने और कानून के तहत कार्रवाई की बात कही थी।
 
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने न तो आरोपी को छोड़ने के लिए कहा और न ही पुलिस की कानूनी कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की। विधायक के मुताबिक, घटना थाना परिसर में हुई, जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और कई पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। ऐसे में उनका कहना है कि पूरे मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर होनी चाहिए।
 
“कानून से ऊपर नहीं हूं” — जयराम महतो
 
विधायक ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि वे कानून से ऊपर नहीं हैं और न ही किसी विशेषाधिकार की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि उनके खिलाफ भी वही कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए, जो अन्य जनप्रतिनिधियों के मामलों में अपनाई जाती है। जयराम महतो ने अपने खिलाफ पहले दर्ज हुए मामलों का भी पत्र में उल्लेख किया है और आरोप लगाया है कि कुछ मामलों में पर्याप्त सत्यापन और तथ्यों की पूरी जांच के बिना कार्रवाई की गई।इधर पुलिस एसोसिएशन विधायक से सार्वजनिक माफी की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ जयराम महतो ने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है। विधायक के बयान और विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र के बाद बरवाअड्डा थाना विवाद ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है।  आने वाले दिनों में इस मामले में पुलिस प्रशासन और विधायक के बीच टकराव किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
 
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क