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झारखंड के तीस लाख के इनामी टीपीसी कमांडर बृजेश गंझू पुलिस इनकाउंटर में हुआ ढेर,मुठभेड़ में डीएसपी और हेड कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली

9/20/2026 9:04:39 AM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Giridih: उत्तर प्रदेश एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ने रविवार की सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के कुख्यात कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया। उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसमें झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से पांच लाख रुपये का इनाम शामिल था।
     मुठभेड़ रामनगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह करीब पांच बजे हुई। एटीएस के डीएसपी विपिन राय के अनुसार, टीम को सूचना मिली थी कि बृजेश बाइक से रामनगर होते हुए मुगलसराय की ओर जाने वाला है। सूचना के आधार पर एटीएस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी। इसी दौरान बृजेश बाइक से वहां पहुंचा। टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने दोनों हाथों से पिस्टल से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, गोलीबारी में डीएसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। इसके बाद एटीएस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बृजेश को गोली लगी और वह सड़क पर गिर पड़ा। घायल बृजेश को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसका एक साथी मौके से फरार हो गया।
 बृजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र का रहने वाला था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह टीपीसी का कमांडर था और ट्रांसपोर्टरों, कोयला खनन कंपनियों तथा ठेकेदारों से लेवी वसूली करता था। करीब आठ वर्ष पहले एनआईए ने टेरर फंडिंग मामले में उसे वांटेड घोषित किया था। उसके घर की कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी थी। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थीं। वाराणसी में हुई मुठभेड़ के बाद झारखंड और उत्तर प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों के बीच उसके आपराधिक एवं नक्सली नेटवर्क से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
 
गिरिडीह से कोयलांचल लाइव के लिए नरेश गोस्वामी की रिपोर्ट