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डांडिया नाईट या व्यापार? भक्ति पर भारी पड़ रहा ग्लैमर

10/4/2026 3:08:40 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad: इन दिनों दुर्गा पूजा की शुरुआत होने से पहले ही डांडिया नाइट्स का आयोजन जिले के कई होटल्स और क्लब्स में होने जा रहा है। देखा जाये तो दुर्गा पूजा अब सिर्फ एंटरटेनमेंट का जरिया बन गई है जिसको लेकर डांडिया व्यापारी मार्केट में उतर चुके है। और यह व्यापारी अच्छे-अच्छे कार्ड, बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगा कर लोगो को लुभा रहे है। सोशल मीडिया पर बजाप्ते रील्स वीडियो और फोटो डाल कर प्रचार-प्रसार कर रहे है, और अपनी मार्केटिंग चमका रहे है। कलाकार कैसा हो न और कैसा न हो इसकी जानकारी किसी को नहीं है। देखा जाये तो कुछ डांडिया नाइट्स करवाने वाले के पास ना तो अथॉरिटी है और ना सेफ्टी प्रीकॉशन्स। यहाँ तक इनलोगो ने मजिस्ट्रेट ऑफिस से अपने कार्यक्रम की अनुमति भी नहीं ली है तो सुरक्षा दूर की बात है। इधर कार्ड में एंट्री फी तो कही टिकट और कही सहयोग राशि के नाम पर वसूली की जा रही है। एक समय था की डांडिया का नाम आते ही गुजरात की याद अति थी। और लोगो की ज़ुबान पर कलाकार फाल्गुनी पाठक का नाम छाया रहता था, और लोगो माता के दरबार में गरबा और डांडिया करने की ख़ुशी में सराबोर रहते थे। लोगो में भक्ति और आस्था साफ़-साफ़ दिखाई देती थी। गुजरात की परंपरा धीरे-धीरे पुरे देश ने अपना तो ली लेकिन निभा नहीं सके। उन्हें केवल व्यपार दिखाई देने लगा और भक्ति-आस्था गौण हो गयी। 
 
क्या है असली डांडिया नाईट इवेंट की पहचान-
जहा डांडिया नाईट में लोगो का स्वागत होता है फिर पारंपरिक परिधान में लोग माता रानी की आरती करते है 'अने पछी लोको गरबा नृत्य करे छे' (जिसके बाद लोग गरबा खेलते है)। कोई वीआईपी नहीं होता और ना कोई आम होता है, सब एक सामान्य माता रानी के दरबार में मनोरंजन करने आते है,और अंत भी आरती से ही होता है। 
 
क्या होता है आज के मॉडर्न डांडिया नाईट में-
आज के डांडिया नाईट में लोगो पर महंगे टिकटों का बोझ होता है,फिर इवेंट्स में जाते ही वीआईपी और सामान्य लोगों में अंतर दिखने लगता है। डांडिया व्यापारी गिफ्ट और ऑफर का आकर्षण देते तो जरूर है लेकिन जो चढ़ावा दे उन्हें ही सारी सुविधा दी जाती है यानि पैसे के आधार पर सुविधा मिलती है। कई आयोजनों में गरबा-डांडिया की पारंपरिक भावना से ज्यादा ग्लैमर और दिखावा नजर आता है। यहाँ मजिस्ट्रेट ऑफिस से परमिशन न लेना बड़े आयोजनों में भीड़ बढ़ने पर सुरक्षा और व्यवस्था की पोल खोल देती है और फिर नए घटनाक्रम सामने आते है। 
 
कुलमिला कर जिले में डांडिया व्यपार सिर्फ व्यापारियों तक सिमित नहीं बल्कि बड़े बैनर वाले स्पोंसर्स पर भी कई सवाल खड़े करते है। आपको बता दे की 2026 में होने वाले डांडिया नाइट्स के टिकट फी की तो 10 लाख कमाई डांडिया व्यपारियों को हो चुकी है। चुकी छोटे आयोजन में टिकट्स ₹99–₹201 से शुरू दिख रहे हैं, जबकि बड़े आयोजन में सिंगल टिकट ₹999 और कपल टिकट ₹1,750 के दिए जा रहे है। ऐसे में सेफ्टी न होना और धार्मिक आयोजन का धीरे-धीरे बड़े व्यावसायिक कार्यक्रम में बदल जाना कई सवालो को जन्म देता है। 
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क 
 
 
 
 


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