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12 महीने से वेतन बकाया, हड़ताली स्वास्थ्य कर्मियों ने श्रम आयुक्त कार्यालय घेरा । 
 

10/29/2026 3:39:45 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dumka : पिछले 8 से 12 महीनों तक का बकाया वेतन के भुगतान की मांग को लेकर आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों ने श्रम आयुक्त कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। इस निरोध प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी भी कूद पड़ी है और इनलोगों का कहना है कि कर्मियों का शोषण करना बंद करो समय पर वेतन दो अन्यथा आंदोलन और उग्र होगा । लगभग 13 दिन से हड़ताल कर रहे इन आउटसोर्स कर्मियों का सब्र का बांध अब टूट गया है क्योंकि इनके हड़ताल के बाद भी इनकी सुधि लेने कोई नहीं आया लिहाजा अब आंदोलन पर उतर आये हैं ,  प्रदर्शन में जिले के सभी 10 प्रखंडों से पहुंचे एएनएम, जीएनएम, सफाईकर्मी, लैब टेक्नीशियन समेत सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए। वहीं, कर्मियों के  समर्थन में बीजेपी के नेता भी प्रदर्शन में पहुंचे। पूर्व सांसद सुनील सोरेन और गोड्डा के पूर्व विधायक अमित मंडल ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और श्रम मंत्री संजय यादव पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।  दुमका जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, सदर अस्पताल और फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आउटसोर्सिंग के माध्यम से बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। कर्मियों का आरोप है कि उनसे नियमित रूप से काम लिया जा रहा है, लेकिन पिछले 8 से 12 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, कर्मियों ने आउटसोर्सिंग कंपनियों पर निर्धारित मानदेय से भी कम भुगतान करने और वेतन में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। कर्मियों के मुताबिक, जिनका वेतन 30 हजार रुपये निर्धारित है, उन्हें महज 12 हजार रुपये दिए जाते हैं। वहीं, 14 हजार रुपये वेतन वाले कर्मियों को केवल 6 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। आरोप है कि कम राशि मिलने के बावजूद वेतन का भुगतान भी समय पर नहीं होता। इससे स्वास्थ्य कर्मियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मी संघ ने बकाया वेतन का जल्द भुगतान करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वेअनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने और रांची में सरकार का घेराव करने को मजबूर होंगे। वहीं, प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे बीजेपी के गोड्डा के पूर्व विधायक अमित मंडल ने आउटसोर्सिंग कंपनियों पर स्थानीय मूलवासी और आदिवासी कर्मियों के शोषण का आरोप लगाया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मियों को पूजा-त्योहार के समय भी आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से इस्तीफे की मांग किया । वही श्रम अधीक्षक ने कहा कि मामला सामने आया है और इस मामले में सिविल सर्जन को सूचित किया गया है इसके साथ ही अनियमितता मामले में दुमका जिला में कार्य कर रहे आउटसोर्सिंग कंपनियों को नोटिश कर बुलाया जायेगा। कुछ  महीनों से बकाया वेतन की मांग कर रहे इन स्वास्थ्य कर्मियों को उनका हक कब मिलता है और सरकार तथा संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनियां इस मामले में क्या कदम उठाती हैं । बिरसा आउटसोर्स ,शिवा प्रोटेक्शन फोर्स ,कमांडो सहित कुल चार आउटसोर्स कम्पनियां है जिन्होंने मैन पावर सप्लाई का काम लिया है और अस्पताल और अन्य कार्यालय में इसके द्वारा चयनित कर्मचारी कार्य कर रहे है और सरकार कंपनियों को इसके लिए भुगतान करती है और कंपनी द्वारा इन कर्मियों को भुगतान किया जाता है लेकिन यहाँ कुछ भी सही नहीं चल रहा है इनके तय वेतन में भारी कटौती कर कंपनी मालामाल हो रही है और कहीं न कहीं संबंधित विभाग इस मामले में मौन है यह बड़ा सवाल है कि लंबे समय से चल रहे इस खेल के पीछे किसका हाथ है और अब मामला तब सामने आया है जब महीनों से काट कूटकर देने वाला वेतन भी इन्हें नहीं दिया गया । 
 
जामताड़ा से कोयलांचल लाइव के लिए निशिकांत मिस्त्री की रिपोर्ट ।