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संपूर्ण ब्रह्मांड में भारत की एकमात्र ऐसी भूमि जहाँ आत्मा की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है 

9/22/2025 1:06:35 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Edited By - Vikash 
 
Gayaji : बिहार का गया जी, संपूर्ण ब्रह्मांड में भारत की एकमात्र ऐसी भूमि है जहां काल कलवित लोगों की आत्मा को मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। बिहार के गयाजी में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष से 15 दोनों के लिए इस पृथ्वी पर भटकती आत्माएं गया जी की पवित्र भूमि पर आ जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि भटकती आत्माएं गया जी की पवित्र भूमि पर इस आस लगाए आते हैं कि यहां कोई ना कोई जरूर उन आत्माओं को मुक्ति के लिए तर्पण अथवा पिंडदान अवश्य करेगा। 
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धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक वायु पुराण एवं गरुड़ पुराण के मुताबिक सनातन धर्म में मृत्युपरांत पूर्वजों एवं अकाल मृत्यु को प्राप्त आत्माओं की मुक्ति गया जी में पिंडदान और तर्पण के बाद हो जाता है। इन्हीं मान्यताओं को आत्मसात करते हुए गयाजी में जन्मे और पले बढ़े गयाजी नागरिक मंच के संस्थापक विमलेंन्दु चैतन्य ने अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मरे उन सभी यात्रियों का पिंडदान एवं तर्पण गयाजी में किया। यह संपूर्ण कर्मकांड विष्णुपद मंदिर स्थित बैजनाथ बैठा मंदिर परिसर में नारायण शब्द सेवक पंडा दीपू जी भैया के सानिध्य में पुरोहित अखिलेश पांडेय के द्वारा संपन्न कराया गया। विमलेंन्दु चैतन्य ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि गयाजी की पवित्र भूमि पर हमारा जन्म हुआ। ईश्वर के इस असीम कृपा को मानते हुए गयाजी में सदैव सर मुंडन कर रहने का प्रण लिया। क्योंकि हम जानते हैं कि जाने-अनजाने, ज्ञात-अज्ञात उन सभी के मुक्तिधाम गयाजी में हम रहते हैं। जहां तर्पण और पिंडदान करने मात्र से आत्माओं को इस सांसारिक मोह से मुक्त होकर नारायण के शरण में जगह मिल जाती है।
 
गयाजी से कोयलांचल लाइव के लिए मनोज कुमार की रिपोर्ट