Date: 07/03/2026 Saturday ABOUT US ADVERTISE WITH US Contact Us

 जदयू कार्यालय में  कार्यकर्ताओं ने तोड़ी कुर्सी ,जताया विरोध ,कहा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने निर्णय को बदले नहीं तो ....

3/6/2026 4:08:22 PM IST

49
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Jahanabad : सीएम नीतीश कुमार को राज्य सभा जाने की चर्चा को लेकर जहानाबाद के जदयू कार्यालय में अचानक कार्यकर्ताओं में कुर्सियां तोड़कर अपना आक्रोश व्यक्त किया । जदयू राज्यसभा जाने की चर्चा ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इस मुद्दे को लेकर जहानाबाद में भी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष और निराशा का माहौल देखने को मिला। शहर स्थित जदयू कार्यालय में कई कार्यकर्ता इस फैसले को लेकर अपनी नाराजगी जताते नजर आए। कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी और राज्य की राजनीति के लिए चिंताजनक बताते हुए खुलकर प्रतिक्रिया दी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वर्तमान समय में बिहार के विकास और राजनीतिक स्थिरता के लिए नीतीश कुमार का राज्य की सक्रिय राजनीति में बने रहना जरूरी है। उनका मानना है कि लंबे समय से उनके नेतृत्व में ही राज्य में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं। ऐसे में उनका राज्यसभा जाने का फैसला कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए अप्रत्याशित और निराशाजनक माना जा रहा है। पार्टी से जुड़े कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने जनता के बीच यह संदेश दिया था कि आने वाले वर्षों में भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। “25 से 30 साल फिर से नीतीश” जैसे नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव और शहर-शहर जाकर पार्टी की नीतियों का प्रचार किया था। ऐसे में अब उनके राज्यसभा जाने की चर्चा से कार्यकर्ताओं को असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि यदि मुख्यमंत्री सक्रिय राजनीति से दूरी बनाकर राज्यसभा जाने का निर्णय लेते हैं, तो उससे पहले राज्य की राजनीतिक जिम्मेदारी किसी नए नेतृत्व को सौंपना बेहतर होता। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं ने Nishant Kumar का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि यदि नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति बनती है तो पार्टी को नई पीढ़ी को आगे लाने की दिशा में भी सोचना था।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इस कडी मे जहानाबाद में भी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकर्ताओं ने जदयू कार्यालय में कुर्सियां तोड़ी और अपनी नाराजगी प्रकट किया । जदयू कार्यालय में कई कार्यकर्ता इस फैसले को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए मांग किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने निर्णय को बदले नहीं तो आंदोलन पटना तक जोरदार होगा। कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी और राज्य की राजनीति के लिए चिंताजनक बताते हुए कहा की जदयू के जयचंद अशोक चौधरी विजय चौधरी संजय झा जैसे लोगों ने मुख्यमंत्री के पास रहकर भाजपा के लिए काम किया और साजिश के तहत राज्यसभा के लिए नामांकन कराया है जो कार्यकर्ता एवं बिहार के हित में नहीं है जदयू के जहानाबाद प्रखंड अध्यक्ष रणधीर पटेल का कहना था कि वर्तमान समय में बिहार के विकास और राजनीतिक स्थिरता के लिए नीतीश कुमार का राज्य की सक्रिय राजनीति में बने रहना जरूरी है। उनका मानना है कि लंबे समय से उनके नेतृत्व में ही राज्य में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं। ऐसे में उनका राज्यसभा जाने का फैसला कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए अप्रत्याशित और निराशाजनक माना जा रहा है। पार्टी से जुड़े कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने जनता के बीच यह संदेश दिया था कि आने वाले वर्षों में भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहां की मुख्यमंत्री को अपना निर्णय हर हाल में बदलना होगा नहीं तो निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बिहार का बनाने की घोषणा करें नहीं तो जदयू के कार्यकर्ता आंदोलन को और तेज करेंगे
 
जहानाबाद से कोयलांचल लाइव के लिए पंकज कुमार की रिपोर्ट