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माल महाराज के मिर्जा खेले होली वाली कहावत हुई चरितार्थ, जानिए कहा...

4/3/2026 1:42:12 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
माल महाराज के मिर्जा खेले होली वाली कहावत जहानाबाद में चरितार्थ होती नजर आ रही है, दरअसल जहानाबाद जिला परिषद के सैरात की बंदोबस्ती नगर पंचायत के द्वारा कर दिए जाने के बाद दोनों निकायों के बीच ताना तनी शुरू हो गई है इस मामले को लेकर जिला परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त भी काफी नाराज दिख रहे हैं | घोषी नगर पंचायत में जिला परिषद जहानाबाद की सैरात की विधिवत निविदा निकालकर सेटलमेंट यानी बंदोबस्ती कर देने का मामला प्रकाश में लाकर हलचल मचा दिया है दूसरी ओर पहले से बंदोबस्त किए जा चुके सैरात को जिला परिषद भी बंदोबस्ती के लिए निविदा निकाल चुकी है जब इस तरह की असाधारण स्थिति सामने आई तो जिला परिषद अधिकारी डीडीसी डॉक्टर प्रीति एक्शन मोड में आ गयी डीडीसी ने मामले में कडा रुख दिखाते हुए तत्काल प्रभाव से नगर पंचायत घोसी के द्वारा की गई बंदोबस्ती को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया इतना ही नहीं 24 घंटे के अंदर नगर पंचायत घोषी के कार्यपालक पदाधिकारी से स्पष्टीकरण की भी मांग की है आपको बता दें कि जहानाबाद जिले के घोसी नगर पंचायत मुख्यालय में जिला परिषद की खतियानी जमीन पर सैरात पिछले कई वर्षों से लग रही है इसकी बंदोबस्ती लगातार जिला परिषद के द्वारा किया जाता रहा है हमेशा की तरह वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए भी जिला परिषद के द्वारा बंदोबस्ती के लिए विज्ञापन का प्रकाशन अखबारों में कर दिया गया इसके बाद नगर पंचायत घोसी के कार्यपालक पदाधिकारी ने भी उसी जमीन को सैरात के लिए निविदा निकाल दी जो नियम के अनुकूल नहीं बताया जा रहा है अब जिला परिषद के सैरात की बंदोबस्ती नगर पंचायत घोसी के द्वारा किए जाने का मामला तुल पकड़ लिया है एक तरफ जहां उप विकास आयुक्त ने 24 घंटे के अंदर नगर पंचायत घोसी के कार्यपालक पदाधिकारी से स्पष्टीकरण की मांग की है वही नगर पंचायत के मुख्य पार्षद का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र में जो भी खाली भूमि है वह नगर पंचायत की होती है यह पूर्व में आदेश  निकल चुका है इधर जिला परिषद जहानाबाद के लोगों ने बताया कि बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा 100 के अनुसार जिला परिषद की परिसंपत्ति नगर निगम नगर परिषद अथवा नगर पंचायत में निहित नहीं है यानी जिला परिषद की खतियानी स्वामित्व वाली भूमि पर नगर निकायों के द्वारा किसी प्रकार का बाजार एवं सैरात की बंदोबस्ती नहीं की जा सकती है अब सवाल यह उठता है कि जब जिला परिषद के द्वारा उक्त सैरात की भूमि को नगर पंचायत घोसी को स्थानांतरित अब तक नहीं किया गया है बावजूद इसके नगर पंचायत घोसी के द्वारा सैरात की बंदो बस्ती किया जाना अनुचित एवं नियम के खिलाफ है अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर क्या हल निकल पाता है
 
कोयलांचल लाइव के लिए जहानाबाद से पंकज की रिपोर्ट