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रसूखदार ट्रैफिक इंस्पेक्टर के क्या कहने,लेकिन वो दिन हवा हुए जब पसीना गुलाब था

8/1/2026 6:13:15 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad : धनबाद ट्रैफिक में एक 2012 बैच के महारथी हैं,नाम JP आंदोलन से निकला हुआ है इसलिए ये अपना जय जयकार करते है। वे अपना तो जय जय करते ही हैं, अपने आशियाने को खूब प्रकाशित करते हैं। कई खबरीलाल इनके इशारे पर ऊपर तक औरों की शिकायत भी पास ऑन करते हैं कि जय साहब काफी काबिल पुलिस इंस्पेक्टर हैं, जबकि इनके सीनियर लोग कामचोर और नाकाबिल हैं। इनकी बदौलत खूब रेवन्यू जेनरेट होता है और सरकार के खजाने में इजाफा होते रहता है। इसी बहाने ये किसी मलाईदार थाना में काबिज होने की तिकड़म भी भिड़ाते रहते हैं। इनकी पहुंच का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि आज से दो ढाई साल पहले ये साहब इसी जिला बल में थे। ये मधुवन के थानेदार थे। थाना पर शेख गुड्डू के नेतृत्व में पथराव हुआ था। इन्होंने एक नाबालिग का नाम उक्त कांड में घुसेड़ दिया था। नाबालिग एक दिन वाहन चेकिंग में पकड़ा गया था,लेकिन थानेदार उसे पहचान नहीं पाया,तो उसे छोड़ दिया। मीडिया ने इसे हवा दे दिया था कि थानेदार ने कांड के अभियुक्त को जानबूझकर छोड़ दिया। इतने में तत्कालीन एसएसपी एचपी जनार्दनन ने इन्हे लाइन क्लॉज कर दिया था। लेकिन एक महीना बाद ही ये वाशिंग मशीन में धूल गए और रसूख के बल बरोरा के थानेदार बन गए। कुछ दिनों में इनका प्रमोशन हो गया, तो बदल कर रांची चले गए। इनका एक भाई डीएसपी है। लिहाजा विभाग में इनकी पहुंच रांची पुलिस हेड क्वार्टर तक है। कुछ ही महीनों में इन्होंने तिकड़म के बूते पुनः अपना तबादला धनबाद जिला बल में करवा लिया। बड़े बड़े सूरमा देखते रह गए,जबकि इन्होंने सबको दंग कर दिया। अब तो जीटी रोड जाने के लिए काफी हाथ पांव मार रहे हैं। कहते हैं कि पूर्व पोस्टिंग के काल में इनके पसीने तक से गुलाब की खुशबू आती थी, लेकिन अब राज बदला, काम काज बदला तो वो दिन हवा हो गए जब पसीना गुलाब था। इसी तरह जिला और ट्रैफिक में दो चार ऐसे सिपाही हैं जो अपनी सेटिंग के बल पर दस पंद्रह वर्षों से इसी जिला में मजा मार रहे हैं। विभाग की आंखों में धूल झोंककर ये तबादला सूची से अपना नाम गायब कर किसी और का नाम जुड़वाने में कामयाब हो जाते हैं।
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क