देवघर : सावन के पावन महीने में बाबा भोलेनाथ के भक्त अपनी आस्था को अनोखे अंदाज़ में प्रकट करते दिखाई देते हैं। मुंगेर के 26 किलोमीटर लंबे कच्ची कांवड़िया पथ पर हर दिन लाखों श्रद्धालु बाबाधाम की ओर बढ़ रहे हैं। इन्हीं श्रद्धालुओं में एक ऐसे डाक बम भी हैं, जिन्होंने अपनी भक्ति को अलग स्वरूप दिया है। वर्ष 2013 से लगातार सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबाधाम जाने वाले सुधांशु बम इस बार आंखों पर पट्टी बांधकर कठिन यात्रा कर रहे हैं। बोल बम के जयकारों से गूंज रहे मुंगेर के कच्ची कांवड़िया पथ पर आस्था के कई रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई नंगे पांव चल रहा है तो कोई कठिन व्रत और संकल्प के साथ बाबा धाम की ओर बढ़ रहा है। इन्हीं श्रद्धालुओं में शामिल हैं सुधांशु बम, जो वर्ष 2013 से हर सावन में सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर बाबाधाम की यात्रा करते आ रहे हैं।इस बार उन्होंने अपनी श्रद्धा और विश्वास को एक अलग रूप दिया है। आंखों पर पट्टी बांधकर डाक बम के रूप में वे अपने साथियों के साथ बाबाधाम की ओर लगातार बढ़ रहे हैं। सुधांशु बताते हैं कि यह उनकी अपनी श्रद्धा और मन की प्रेरणा है। उनके मन में किसी तरह की व्यक्तिगत कामना नहीं है। उनका कहना है कि बाबा भोलेनाथ बिना मांगे ही अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं, इसलिए वे केवल भक्ति और विश्वास के साथ यह कठिन यात्रा कर रहे हैं। मुंगेर के कच्ची कांवड़िया पथ पर ऐसे अनेक श्रद्धालु अपनी-अपनी अनोखी आस्था के साथ बाबा धाम की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। यह नज़ारा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह भी दिखाता है कि बाबा भोलेनाथ के प्रति भक्तों का विश्वास आज भी अटूट है।
देवघर से कोयलांचल लाइव के लिए इम्तियाज़ खान की रिपोर्ट
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