जामताड़ा: जिले के नारायणपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से निर्माणाधीन भवन की छत की ढलाई के दौरान सेंटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई। घटना के समय मौके पर निर्माण कार्य चल रहा था। हालांकि, गनीमत रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ और न ही किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना है। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संवेदक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, प्रखंड कार्यालय परिसर में पूर्व से निर्मित पानी की टंकी के समीप पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से एक भवन का निर्माण कराया जा रहा है। भवन की छत की ढलाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान सेंटरिंग का बड़ा हिस्सा अचानक खुल गया और पूरी संरचना भरभराकर नीचे गिर गई। बताया जा रहा है कि छत की लगभग 80 प्रतिशत ढलाई पूरी हो चुकी थी। इसके बाद सेंटरिंग कमजोर पड़ने के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। नारायणपुर प्रखंड एवं नारायणपुर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य पवन पोद्दार ने निर्माण कार्य में संवेदक और मिस्त्री पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी मिल गई है और इसकी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जामताड़ा से कोयलांचल लाइव के निशिकांत मिस्त्री लिए की रिपोर्ट
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