मुंगेर: मुंगेर में छोटे भाई की हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जमीन विवाद में सगे छोटे भाई की गोली मारकर हत्या कराने के मामले में अदालत ने बड़े भाई और उसकी पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फैसले के दौरान अदालत में भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जब दोषी दंपति की दोनों नाबालिग बेटियों ने अपने माता-पिता को निर्दोष बताते हुए उन्हें जेल नहीं भेजने की गुहार लगाई। मुंगेर के एडीजे-2 की अदालत ने वर्ष 2024 में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सुजावलपुर गांव में हुई वलीउल्लाह उर्फ पिकु की हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए मृतक के बड़े भाई रहमतुल्ला उर्फ लालू और उसकी पत्नी शबनम प्रवीण को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आर्म्स एक्ट के मामले में तीन वर्ष के कारावास और दोनों पर कुल 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक रामसेवक मंडल ने पैरवी की। फैसले के दौरान अदालत का माहौल उस समय भावुक हो गया, जब दोषी दंपति की दोनों नाबालिग बेटियों ने न्यायाधीश से कहा कि उनके माता-पिता निर्दोष हैं और उनके बिना वे कैसे रहेंगी। उन्होंने अदालत से उन्हें भी अपने माता-पिता के साथ जेल भेजने की गुहार लगाई। इस पर न्यायालय ने कहा कि उन्हें आगे उच्च न्यायालय से कानूनी राहत मिलने की संभावना है। दरअसल, 19 जून 2024 को घर के हिस्से के बंटवारे को लेकर वलीउल्लाह और उनके बड़े भाई रहमतुल्ला के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान रहमतुल्ला और उसकी पत्नी ने वलीउल्लाह तथा बीच-बचाव करने आई उनकी बहन फातिमा के साथ मारपीट की। इसी दौरान रहमतुल्ला का नाबालिग पुत्र कमरे से पिस्टल लेकर आया और अपने चाचा वलीउल्लाह के सीने में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मृतक की बहन फातिमा के बयान पर मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 235/2024 दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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