मुंगेर : रेल हादसा हो या अचानक कोई बड़ी आपदा, ऐसे हालात में रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था कितनी तैयार है, इसे परखने के लिए जमालपुर स्टेशन पर हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। काल्पनिक रेल दुर्घटना का दृश्य तैयार कर यात्रियों के रेस्क्यू से लेकर घायलों को प्राथमिक उपचार, भीड़ नियंत्रण और राहत-बचाव तक का लाइव अभ्यास किया गया। आरपीएफ जवानों ने बेहद कम समय में मौके पर पहुंचकर किस तरह स्थिति को संभालना है, इसका प्रदर्शन किया। जमालपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की ओर से हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान रेल हादसे की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इसके बाद आरपीएफ जवानों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। जवानों ने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और उन्हें प्राथमिक उपचार दिलाने के साथ ही घटनास्थल की घेराबंदी कर भीड़ को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति से निपटने और यात्रियों को सुरक्षित दिशा में ले जाने का भी अभ्यास कराया गया। मॉक ड्रिल का नेतृत्व आरपीएफ इंस्पेक्टर सुजीत कुमार यादव ने किया। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। मॉक ड्रिल के दौरान यात्रियों को भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करने तथा अफवाहों से बचने की जानकारी दी गई। साथ ही संदिग्ध गतिविधि या किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल आरपीएफ या जीआरपी को देने की अपील की गई। अभ्यास के दौरान आरपीएफ के कई अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
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