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बारामूड़ी खटाल में जमीन की नापी से मचा हड़कंप 200 परिवारों पर विस्थापन का डर...

10/22/2026 5:19:20 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad :  धनबाद में सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। धनबाद अंचल के बारामूड़ी खटाल में करीब 20 एकड़ सरकारी जमीन की मापी और सीमांकन का काम शुरू किया गया है। प्रशासन के मुताबिक, नापी के दौरान कई घरों और वेडिंग वेल्स के कुछ हिस्से सरकारी जमीन के दायरे में आने की बात सामने आई है। ऐसे निर्माणों से जुड़े लोगों को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। वहीं, इस कार्रवाई से बारामूड़ी खटाल में रहने वाले करीब 200 परिवारों की चिंता बढ़ गई है। इन परिवारों का कहना है कि वर्ष 2005 में उन्हें बेकारबांध तालाब के पीछे से हटाकर यहां बसाया गया था। अब एक बार फिर विस्थापन की आशंका से परिवार परेशान हैं। हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। धनबाद के बारामूड़ी खटाल में सरकारी जमीन की पहचान और सीमांकन के लिए अंचल कार्यालय की ओर से नापी कराई जा रही है। धनबाद अंचल अधिकारी रामप्रवेश राम की मौजूदगी में चल रहे इस अभियान की शुरुआत बारामूड़ी खटाल से हुई है। प्रशासन के अनुसार, यहां करीब 20 एकड़ सरकारी जमीन है, जिसे चिह्नित किया जा रहा है। नापी के दौरान कई घरों और वेडिंग वेल्स के कुछ हिस्से सरकारी जमीन के दायरे में आने की बात सामने आई है। अब जमीन की मापी पूरी होने के बाद संबंधित लोगों को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। बारामूड़ी खटाल में रह रहे परिवारों के लिए यह कार्रवाई चिंता का कारण बन गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वर्ष 2005 में बेकारबांध तालाब के पीछे से दर्जनों परिवारों को हटाकर बारामूड़ी खटाल क्षेत्र में बसाया गया था। उस समय उन्हें अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था दी गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे परिवारों ने यहां अपना आशियाना बना लिया और उनकी जिंदगी इसी इलाके से जुड़ गई। अब सरकारी जमीन की मापी और सीमांकन के बाद दोबारा विस्थापन की आशंका ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से यहां रहने के कारण उनके सामने भविष्य और आवास का सवाल खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बीच बारामूड़ी खटाल के लोगों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर उपायुक्त से मुलाकात करेंगे। स्थानीय परिवार चाहते हैं कि सरकारी जमीन को लेकर प्रशासन अपना पक्ष स्पष्ट करे और वर्षों से यहां रह रहे परिवारों के भविष्य तथा पुनर्वास के सवाल पर भी विचार किया जाए। लोगों का कहना है कि उपायुक्त के सामने अपनी बात रखने के बाद ही वे आगे की रणनीति तय करेंगे। दूसरी ओर, अंचल अधिकारी रामप्रवेश राम ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल सरकारी जमीन की पहचान और मापी कराई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि शहर में खटाल रखने की अनुमति नहीं है और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
 
 

संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क