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शराबबंदी वाले बिहार में शराब माफियाओं का काला कारोबार! चावल की बिल्टी पर कंटेनर में भेजी जा रही थी अंग्रेजी शराब की खेप, 200 से अधिक पेटी के साथ चालक गिरफ्तार

11/3/2026 5:17:02 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Munger : बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन शराब माफियाओं के लिए यह कानून मानो कमाई का नया जरिया बन गया है। चोरी-छिपे शराब की तस्करी कर माफिया लाखों-करोड़ों का काला कारोबार चला रहे हैं। दीपावली जैसे त्योहारों पर शराब की बढ़ती खपत को भुनाने के लिए तस्करों ने तस्करी का नया तरीका अपनाया। चावल की बिल्टी बनाकर कंटेनर में अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप भेजी जा रही थी। लेकिन शराब माफियाओं का यह खेल मुंगेर में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। श्रीकृष्ण सेतु के पास एसपी की आसूचना इकाई की टीम ने गुप्त सूचना पर घेराबंदी कर शराब से लदे कंटेनर को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान कंटेनर से 200 से अधिक पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने कंटेनर चालक को भी गिरफ्तार कर लिया।सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद, के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि श्रीकृष्ण सेतु के रास्ते कंटेनर में शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर कंटेनर को पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि तस्करों ने पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए चावल की बिल्टी तैयार कराई थी, जबकि कंटेनर के अंदर अंग्रेजी शराब भरी हुई थी।गिरफ्तार चालक की पहचान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बेलारी थाना क्षेत्र के तेवरखास गांव निवासी मेहरबान के रूप में हुई है। पूछताछ में चालक ने बताया कि धनबाद से चावल की बिल्टी देकर कंटेनर को मुजफ्फरपुर से आगे मोतिहारी जिला के पिपरा कोठी  पहुंचाने का निर्देश दिया गया था। लेकिन कागजों में चावल और कंटेनर में शराब की खेप थी। आशंका है कि दीपावली के दौरान बाजार में शराब खपाने की तैयारी थी। शराब तस्करी के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई को लेकर सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने कहा कि मुंगेर में शराबबंदी को सफल बनाने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में काम कर रही है। यही कारण है कि लगातार दो दिनों से मुफस्सिल थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पिकअप वाहन और बड़े कंटेनर ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है। इन दोनों मामलों में शराब तस्करों की गिरफ्तारी भी की गई है। पुलिस शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है, वहां आखिर इतनी बड़ी खेप लगातार कैसे पहुंच रही है? शराबबंदी के बावजूद तस्करों के हौसले बुलंद हैं और त्योहारों के मौके पर अवैध कारोबार के जरिए मोटी कमाई की जा रही है। इससे पहले भी श्रीकृष्ण सेतु के रास्ते 143 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी। लगातार दूसरे दिन बड़ी बरामदगी इस बात का संकेत है कि शराब तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ चालकों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि इस काले कारोबार के असली सरगना, शराब के सप्लायर और खरीदारों तक पहुंचना है। सवाल साफ है—शराबबंदी के बिहार में आखिर किसके इशारे पर फल-फूल रहा है शराब माफियाओं का यह काला साम्राज्य ।
 
 
मुंगेर से कोयलांचल लाइव के लिए इम्तियाज़ खान की रिपोर्ट