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विश्व मलेरिया दिवस पर सदर अस्पताल ने बचाव के लिए लोगो को किया जागरूकता

4/25/2026 6:42:54 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Aurangabad: औरंगाबाद विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर शनिवार के अपराह्न दो बजे जिला वेक्टर बॉन्ड डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर सुनील कुमार एवं जिला मलेरिया कार्यालय औरंगाबाद के कर्मियों द्वारा सदर अस्पताल के मलेरिया कार्यालय में मलेरिया से बचाव एवं इसकी रोकथाम को लेकर जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान आगत अतिथियों ने मलेरिया के कारण और निवारण पर विस्तृत जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने बताया कि मलेरिया रोग मादा एनोफ़िलीज़ मच्छर के काटने से होता है। जिसका लार्वा गंदे एवं जमे हुए पानी में पाया जाता है। इस रोग का परजीवी का नाम प्लाज्मोडियम है। मलेरिया चार प्रकार के होते हैं। परंतु भारत में मुख्य रूप से दो प्रकार के ही मलेरिया पाए जाते हैं जो प्लाज्मोडियम वाईवेक्स एवं प्लाज्मोडियम फैलसीपरम है। इस बीमारी का लक्षण है ठंड लगना, कपकपी, सर दर्द, उल्टी चक्कर आना, तेज बुखार एवं अत्यधिक पसीने के साथ बुखार का कम होना, ऐसा प्रतिदिन एक दिन बीच करके या निश्चित अंतराल के बाद होना इस बीमारी के गंभीर लक्षण है। उपयुक्त लक्षण होने पर मलेरिया की जांच क्षेत्र के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज को ले जाए और उनका इलाज कराएं। बताया गया कि मलेरिया की जांच एवं उपचार की सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है।बताया गया कि इसकी रोकथाम के लिए घर एवं घर के आसपास बने गड्ढों, नालियों, बेकार पड़े खाली डब्बों, पानी की टंकियां, टायर ट्यूब में पानी एकत्रित न होने दे। जमे हुए पानी में मिट्टी तेल की कुछ बूंदे अवश्य डालें। जिससे मलेरिया का लारवा समाप्त हो जाए। इसके अलाव सोते समय मच्छरदानी अथवा मच्छर भगाने वाली क्रीम का प्रयोग करें। ताकि इस रोग पर नियंत्रण पाया जा सके। इस कार्यक्रम की अस्पताल प्रबंधक एएनएम जीएनएम और अन्य कर्मियों का भी अपेक्षित सहयोग रहा।
 
कोयलांचल लाइव के लिए औरंगाबाद से रुपेश की रिपोर्ट