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वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के 14वें परीक्षा नियंत्रक बने एलबी सिंह,पदभार ग्रहण करते ही कहा ...

5/7/2026 3:07:00 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Aara : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मनोविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर लाल बाबू सिंह को विश्वविद्यालय का नया परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया है। गुरुवार को उन्होंने औपचारिक रूप से अपने पद का कार्यभार संभाल लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय को शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. शैलेन्द्र चतुर्वेदी ने एक बार फिर प्रो. लाल बाबू सिंह पर भरोसा जताते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ही उन्हें विश्वविद्यालय का प्रोक्टर नियुक्त किया गया था और अब परीक्षा नियंत्रक जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी देकर कुलपति ने उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यशैली पर विश्वास व्यक्त किया है। प्रो. लाल बाबू सिंह, जिन्हें शैक्षणिक जगत में एलबी सिंह के नाम से भी जाना जाता है, विश्वविद्यालय के 14वें परीक्षा नियंत्रक बने हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब विश्वविद्यालय के सामने समय पर परीक्षा संचालन, रिजल्ट प्रकाशन तथा शैक्षणिक सत्र को नियमित रखने जैसी बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं। ऐसे में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विश्वविद्यालय परिसर में पदभार ग्रहण करने के बाद शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के बीच नई उम्मीदें देखने को मिलीं। कई शिक्षकों ने कहा कि प्रो. सिंह लंबे समय से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और उन्हें विश्वविद्यालय की समस्याओं एवं आवश्यकताओं की अच्छी समझ है। यही कारण है कि उनसे परीक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा रही है। मनोविज्ञान विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके प्रो. लाल बाबू सिंह की पहचान एक अनुशासित, गंभीर एवं व्यवहारिक शिक्षक के रूप में रही है। विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों एवं प्रशासनिक दायित्वों में उनकी सक्रिय भूमिका पहले भी देखी जाती रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ विश्वविद्यालय प्रशासन को मिलेगा। विश्वविद्यालय में पिछले कुछ वर्षों के दौरान परीक्षा संचालन और रिजल्ट प्रकाशन को लेकर कई बार छात्रों ने नाराजगी भी जाहिर की थी। कई परीक्षाओं के परिणामों में देरी और सत्र नियमित नहीं होने की समस्या छात्रों के लिए परेशानी का कारण बनी रही। अब छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद है कि नए परीक्षा नियंत्रक के नेतृत्व में परीक्षा से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी और समय पर परिणाम प्रकाशित किए जा सकेंगे। शिक्षकों का मानना है कि यदि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाता है तो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक छवि और बेहतर हो सकती है। वर्तमान समय में उच्च शिक्षा संस्थानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शैक्षणिक कैलेंडर को नियमित रखना है। ऐसे में परीक्षा नियंत्रक की भूमिका केवल परीक्षा आयोजित कराने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे अकादमिक सत्र को व्यवस्थित बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। पदभार ग्रहण करने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में कई शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने प्रो. लाल बाबू सिंह को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े लोगों ने उम्मीद जताई कि उनके कार्यकाल में लंबित परीक्षाओं, रिजल्ट एवं अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में सुधार देखने को मिलेगा। शैक्षणिक हलकों में अब इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि कुलपति द्वारा जताए गए भरोसे पर प्रो. लाल बाबू सिंह किस प्रकार खरा उतरते हैं और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र को नियमित एवं सुचारू रूप से संचालित करने में कितनी सफलता हासिल करते हैं। फिलहाल विश्वविद्यालय परिवार को उनसे काफी अपेक्षाएं हैं और आने वाले समय में उनकी कार्यशैली पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
 
 
आरा से कोयलांचल लाइव के लिए आशुतोष पांडेय की रिपोर्ट