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‘मजदूर मसीहा’ की सियासत तेज, सिंह मेंशन और सांसद ढुल्लू महतो आमने-सामने

6/19/2026 12:28:49 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad : धनबाद कोयलांचल में निगम चुनाव के दौरान सिंह मेंशन और सांसद ढुल्लू महतो के बीच शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब और गहरा गया है। इन दिनों ‘मजदूर मसीहा’ की उपाधि को लेकर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी अपने चरम पर है। एक ओर धनबाद मेयर संजीव सिंह मजदूरों के शोषण के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सांसद ढुल्लू महतो, धनबाद के मजदूर नेता रहे स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह को नहीं, बल्कि दिवंगत अन्य मजदूर नेताओं को असली मजदूर मसीहा बता रहे हैं। वहीं झरिया विधायक रागिनी सिंह ने भी सांसद के दावों पर पलटवार करते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। धनबाद मेयर संजीव सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या बयान देता है। उनका कहना है कि जनता ही अंतिम फैसला करेगी। संजीव सिंह ने कहा कि निगम चुनाव के दौरान उन्होंने कोयलांचल की आउटसोर्सिंग कंपनियों में काम कर रहे मजदूरों के शोषण का मुद्दा उठाया था और आज भी उस लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि बाघमारा से लेकर झरिया तक मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी जाएगी और समय आने पर इसका जवाब भी जनता के सामने होगा। वहीं सांसद ढुल्लू महतो ने मजदूर मसीहा के सवाल पर कहा कि धनबाद के असली मजदूर मसीहा दिवंगत बी.पी. सिन्हा, दिवंगत ए.के. राय और दिवंगत समरेश सिंह थे। उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि मजदूरों के लिए किसने संघर्ष किया। सांसद ने धनबाद में गुंडागर्दी और माफियागिरी के खिलाफ भी मोर्चा खोलते हुए कहा कि गरीब के बेटे को जनता ने सांसद बनाया है और वह हर तरह के अत्याचार को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में बन रहे कई मॉलों में माफियाओं और गुंडों की हिस्सेदारी है तथा धनबाद में अमन और शांति स्थापित करना उनकी प्राथमिकता है। सांसद के आरोपों पर पलटवार करते हुए झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि खुद को मजदूर मसीहा बताने वालों को पहले यह बताना चाहिए कि 12 घंटे काम करने वाले मजदूरों की स्थिति सुधारने के लिए उन्होंने क्या किया। उन्होंने कहा कि मजदूरों के हक की लड़ाई वह विधानसभा में लगातार आवाज उठाती रही हैं। रागिनी सिंह ने कहा कि केवल मंच और मीडिया पर भौंकने देने से मजदूरों का भला नहीं होगा, बल्कि संसद और विधानसभा में उनकी आवाज उठानी होगी। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में धनबाद अपराध से त्रस्त था, लेकिन अब प्रशासन अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। रागिनी सिंह ने अपने पति और धनबाद मेयर संजीव सिंह को लेकर कहा कि धनबाद को ऐसा जनप्रतिनिधि मिला है जो हर सुख-दुख में लोगों के साथ खड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनके ससुर स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह लोगों के बीच रहते थे, उसी परंपरा को संजीव सिंह आगे बढ़ा रहे हैं। फिलहाल ‘मजदूर मसीहा’ की उपाधि को लेकर छिड़ी सियासी लड़ाई ने धनबाद की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। जनता की अदालत में कौन कितना खरा उतरता है, इसका फैसला आने वाले समय में होगा।
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क