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मुंगेर में बाढ़ का कहर जारी, गंगा का जलस्तर 4 सेंटीमीटर घटा; 40 हजार आबादी प्रभावित,डीएम ने नाव से लिया जायजा  

9/8/2026 12:57:52 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Munger : गंगा के रौद्र रूप के बीच मुंगेर में थोड़ी राहत की खबर सामने आई है। बीती रात से गंगा के जलस्तर में करीब चार सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। फिलहाल गंगा का जलस्तर 40.08 मीटर पर पहुंच गया है। हालांकि, नदी अभी भी खतरे के निशान से करीब 75 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। ऐसे में मुंगेर में बाढ़ का संकट फिलहाल टला नहीं है। गांव से लेकर शहर तक बाढ़ का पानी फैल चुका है। करीब 40 हजार की आबादी बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर है। कई इलाकों में पानी रिहायशी क्षेत्रों और मुख्य सड़कों तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की सामान्य जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। मुंगेर सदर और जमालपुर प्रखंड की कई पंचायतों के साथ नगर निगम क्षेत्र की बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में है। जफरनगर, कुतलूपुर और झौआ बहियार जैसे इलाकों में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं, जबकि कुछ लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। बाढ़ ने लोगों के सामने सिर्फ सुरक्षित रहने की चुनौती ही नहीं खड़ी की है, बल्कि रोजी-रोजगार, भोजन, पेयजल और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट भी गहरा गया है। प्रभावित लोगों का कहना है कि घरों में पानी घुसने के बाद वे अपने ही इलाके में जलकैदी बनकर रह गए हैं। उधर, बरियारपुर प्रखंड में भी हालात चिंताजनक बना हुआ है। यहां बाढ़ का पानी घरों के साथ-साथ सड़कों और थाना परिसर तक में प्रवेश कर चुका है। वहीं, मुंगेर शहर के रिहायशी इलाकों में भी बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है। नगर निगम के वार्ड नंबर 40, 41, 42 और 43 के अलावा लाल दरवाजा और चंडिका स्थान इलाके में भी कई घर पानी से घिरे हुए हैं। बाढ़ के बीच सबसे बड़ी चिंता उन परिवारों की है, जिन्हें सुरक्षित ठिकाने के साथ-साथ भोजन, पीने का पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है। हालांकि, प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, सामुदायिक भोजन, मेडिकल कैंप, पेयजल, पॉलीथिन और पशु चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रही हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक, किसी भी बाढ़ पीड़ित परिवार तक राहत पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जिलाधिकारी निखिल धनराज ने कहा है कि स्थिति गंभीर जरूर है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। डीएम से लेकर अंचल स्तर के अधिकारी और कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। यहाँ तक की नावों के जरिए प्रभावित इलाकों तक पहुंच बनाई जा रही है और जरूरत के मुताबिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है।  फिलहाल गंगा के जलस्तर में चार सेंटीमीटर की गिरावट ने थोड़ी उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन जब तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे नहीं आता, तब तक मुंगेर पर बाढ़ का खतरा बरकरार रहेगा। अब सबकी नजर गंगा के जलस्तर पर टिकी है। कुछ सेंटीमीटर की गिरावट भले ही राहत की उम्मीद जगा रही हो, लेकिन हजारों लोगों की जिंदगी अभी भी बाढ़ के पानी के बीच फंसी हुई है।
 
मुंगेर से कोयलांचल लाइव के लिए इम्तियाज खान की रिपोर्ट