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 24 साल की कानूनी लड़ाई के बाद FCIL सिंदरी के पूर्व कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत, वेज रिविजन के बकाये के लिए मैनेजमेंट के पास दावा करने की मिली छूट
 

9/23/2026 1:43:41 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad  : फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (FCIL) की सिंदरी यूनिट के पूर्व कर्मचारियों से जुड़े VSS मुआवजा और वेज रिविजन के मामलों में लंबे समय बाद आज राहत की खबर सामने आई है। राहत भरी खबर के बाद  पूर्व कर्मचारियों की ओर से शहरपुरा शिव मंदिर में प्रेस वार्ता कर झारखंड हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी मिडिया दो दी गई। 
 
पूर्व कर्मचारियों के प्रतिनिधि एस.डी. चट्टराज ने बताया कि VSS मुआवजे से जुड़ा मामला नवंबर 2002 में झारखंड हाईकोर्ट में दायर किया गया था। इसके बाद वर्ष 2008 में भी मुआवजे को लेकर एक अन्य मामला दर्ज किया गया। वहीं वेज रिविजन से संबंधित मामला भी न्यायिक प्रक्रिया में रहा। बाद में इन मामलों को एक साथ टैग कर हाईकोर्ट में सुनवाई की गई।  5 अगस्त 2026 को झारखंड हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी हुई थी और आदेश सुरक्षित रखा गया था। अब पूर्व कर्मचारियों के अनुसार अदालत का आदेश उनके पक्ष में आ गया है। 
 
पूर्व कर्मचारियों ने बताया की  फैसले के तहत 30 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले और 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को VSS मुआवजे में समान लाभ का रास्ता इस आदेश के बाद साफ हो गया है । इसे पूर्व कर्मचारियों ने करीब 24 वर्षों से चली आ रही कानूनी लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
 
वेज रिविजन के बकाये पर भी आगे बढ़ेगा दावा : 
 
प्रेस वार्ता में बताया गया कि वर्ष 1992, 1997 और 2002 से संबंधित वेज रिविजन के बकाये का मुद्दा भी अदालत के समक्ष रखा गया था। पूर्व कर्मचारियों के मुताबिक, हाईकोर्ट ने इस मामले के समाधान के लिए सक्षम प्राधिकारी यानी FCIL प्रबंधन के समक्ष आवेदन देने की स्वतंत्रता दी है। इसके बाद कर्मचारी वेज रिविजन से जुड़े अपने दावे के निपटारे के लिए प्रबंधन के पास आवेदन कर सकेंगे।
 
पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि यदि वेज रिविजन और VSS से जुड़े दावों का निपटारा होता है तो बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बकाया राशि मिलने का रास्ता खुल सकता है।
 
वही भी एस एस मुआवजा और वेज रिविजन से जुड़े लाभ तथा बकाये राशि का वास्तविक भुगतान संबंधित आदेश, दावों और FCIL प्रबंधन की आगे की प्रक्रिया पर अब  निर्भर करेगा।
 
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश आदेश आने के बाद एस.डी. चट्टराज ने कहा कि इस कानूनी लड़ाई की शुरुआत वर्ष 2002 में हुई थी और इतने लंबे समय तक मामले को आगे बढ़ाने में कई पूर्व कर्मचारियों और सहयोगियों की भूमिका रही है । उन्होंने इस मामले से जुड़े सभी लोगों और पत्रकारों के प्रति आभार भी जताया।
 
प्रेस वार्ता में एस.जे. सिंह, गोपाल सिंह, बीरेंद्र प्रसाद सिन्हा, एन.सी. मंडल, ए.डी. मंडल, रामजी राम, के.पी. यादव, एस.एन. ठाकुर, शैलेश सिंह, आर.एन. कुमार, आर.ए.पी. सिंह, जगत मांझी, विजय शॉ और रामचंद्र सहित अन्य पूर्व कर्मचारी मौजूद रहे।
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क 


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