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CUSB के दीक्षांत समारोह में ठंडी पूड़ी पर बवाल गोल्ड मेडल के जश्न के बीच भड़के छात्र...

10/13/2026 4:21:13 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Gaya :  दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) में सोमवार को आयोजित पंचम दीक्षांत समारोह में एक ओर 1662 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई और 61 मेधावी विद्यार्थियों को 95 स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम के समापन के बाद परोसे गए भोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ठंडी पूड़ी, बिना मसाले वाले आलू और खाने से दुर्गंध आने की शिकायत करते हुए विद्यार्थियों ने जमकर नाराजगी जताई। इस दौरान हुए हंगामे का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित इतने बड़े समारोह के बाद भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने आयोजन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दीक्षांत समारोह में बिहार के राज्यपाल, बिहार विधानसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे। समारोह के दौरान विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए डिग्री और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों का सम्मान करना था, लेकिन समापन के बाद भोजन को लेकर सामने आई शिकायतों ने समारोह की चर्चा का रुख बदल दिया।
विद्यार्थियों की शिकायत है कि समारोह के बाद उन्हें जो भोजन परोसा गया, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब थी। खाने की थाली में ठंडी पूड़ी, बिना मसाले वाले आलू के टुकड़े और एक मिठाई दी गई थी। विद्यार्थियों ने भोजन को लेकर असंतोष जताते हुए कहा कि इस तरह का खाना परोसना उचित नहीं है। कुछ विद्यार्थियों ने खाने से दुर्गंध आने की शिकायत भी की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विद्यार्थियों को भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते और नाराजगी जाहिर करते हुए छात्राओं को सुना जा सकता है। वीडियो में छात्र भोजन को खराब बताते हुए आशंका जताते हैं कि ऐसा खाना खाने से लोग बीमार पड़ सकते हैं और फूड पॉइजनिंग का खतरा भी हो सकता है। हालांकि, इस घटना में फूड पॉइजनिंग होने की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन में विद्यार्थियों, अतिथियों और मीडिया कर्मियों के लिए बेहतर भोजन की व्यवस्था करना भी विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी का हिस्सा है। समारोह में राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जैसे विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी के बावजूद भोजन की गुणवत्ता को लेकर विवाद सामने आने से व्यवस्थाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है। विद्यार्थियों की शिकायतों के बाद यह जानना जरूरी हो गया है कि भोजन तैयार करने और परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच की गई थी या नहीं। यदि भोजन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था, तो इसकी जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सिर आलम ने कहा, "इवेंट दीक्षांत समारोह था, उस पर फोकस होना चाहिए। अब किसी को खाना खराब लगा, तो हम समीक्षा करेंगे और अगली बार से इन बातों का ध्यान रखेंगे।" विश्वविद्यालय प्रशासन के इस बयान से स्पष्ट है कि भोजन को लेकर मिली शिकायतों की समीक्षा किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, विद्यार्थियों की नाराजगी के बीच अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और भविष्य में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।
 
गया से कोयलांचल लाइव की लिए मनोज कुमार की रिपोर्ट।