Jamtara : जामताड़ा एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के विरोध में सोमवार को पुराना कोर्ट स्थित धरना स्थल पर इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना में मुख्य रूप से कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई और राष्ट्रीय जनता दल के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर निशाना साधा। नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों के लिए खतरा बताया। मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रतिनिधि राजकिशोर सिंह ने कहा कि आज देश में अपनी नागरिकता और मताधिकार को बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पूरे देश में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के माध्यम से लोगों के संवैधानिक और मूलभूत अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है। लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अधिकार है, लेकिन एसआईआर के नाम पर वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं सीपीएम के जिला संयोजक चंडी दास पुरी ने कहा कि एसआईआर के खिलाफ इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि एसआईआर के नाम पर हो रही कथित गड़बड़ियों को तत्काल सुधारा जाए। जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके नाम दोबारा जोड़े जाएं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफा लेने और नए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत करने की मांग की। इधर राजद के जिलाध्यक्ष दिनेश यादव ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा के सदस्य की तरह काम करते हुए एसआईआर के नाम पर वैध मतदाताओं के नाम काटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन इस पूरी प्रक्रिया का विरोध करता है और मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने की मांग करता है।
जामताड़ा से कोयलांचल लाइव के लिए निशिकांत मिस्त्री की रिपोर्ट
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