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दीपावली के मौके पर पटाखा लाइसेंस लेकर भी घाटे में दुकानदार ! अवैध दुकानों पर प्रशासन मौन क्यों 

11/7/2026 3:59:41 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad : धनबाद में पटाखा दुकानों को लेकर जिला प्रशासन के आदेश ने लाइसेंसधारी दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक तरफ प्रशासन की सख्ती और नियमों का बोझ है तो दूसरी तरफ शहर के कई इलाकों में सड़क किनारे कथित रूप से अवैध पटाखा दुकानों का संचालन हो रहा है। ऐसे में गोल्फ ग्राउंड में लाइसेंस लेकर दुकान चला रहे दुकानदारों में जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी साफ देखने को मिल रही है।
दुकानदारों का कहना है कि पटाखा बेचने के लिए वे लाइसेंस लेने में पैसे खर्च करते हैं। इसके अलावा प्रशासन की ओर से निर्धारित तमाम नियमों और निर्देशों का पालन भी करते हैं। दुकान लगाने से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक की जिम्मेदारी निभाते हैं। लेकिन इतनी मशक्कत के बावजूद उनकी दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। नतीजा यह है कि गोल्फ ग्राउंड में पटाखों की बिक्री प्रभावित हो रही है और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दुकानदारों का आरोप है कि धनबाद के लगभग सभी प्रमुख इलाकों में सड़क किनारे पटाखों की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों पर न तो लाइसेंसधारी दुकानों जैसी पाबंदियां नजर आती हैं और न ही प्रशासन की कार्रवाई दिखाई देती है। ऐसे में नियमों का पालन करने वाले दुकानदार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब प्रशासन ने लाइसेंस के नाम पर नियम और शर्तें तय की हैं तो फिर अवैध रूप से दुकान चलाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
कोयलांचल लाइव से खास बातचीत में दुकानदारों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन की इस कथित दोहरी व्यवस्था का सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है। एक ओर लाइसेंसधारी दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं तो दूसरी ओर सड़क किनारे लग रही दुकानों के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध पटाखा दुकानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए और सभी दुकानदारों के लिए एक समान नियम लागू किए जाएं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या धनबाद में जिला प्रशासन का कानून सिर्फ लाइसेंस लेकर दुकान चलाने वालों के लिए ही है? अगर सड़क किनारे अवैध पटाखा दुकानें संचालित हो रही हैं तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं? आखिर नियमों का पालन करने वाले दुकानदार नुकसान झेलें और कथित अवैध दुकानदार खुलेआम कारोबार करें, इस स्थिति की जिम्मेदारी कौन लेगा ?धनबाद में पटाखा दुकानों को लेकर जिला प्रशासन के आदेश ने लाइसेंसधारी दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक तरफ प्रशासन की सख्ती और नियमों का बोझ है तो दूसरी तरफ शहर के कई इलाकों में सड़क किनारे कथित रूप से अवैध पटाखा दुकानों का संचालन हो रहा है। ऐसे में गोल्फ ग्राउंड में लाइसेंस लेकर दुकान चला रहे दुकानदारों में जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी साफ देखने को मिल रही है।
दुकानदारों का कहना है कि पटाखा बेचने के लिए वे लाइसेंस लेने में पैसे खर्च करते हैं। इसके अलावा प्रशासन की ओर से निर्धारित तमाम नियमों और निर्देशों का पालन भी करते हैं। दुकान लगाने से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक की जिम्मेदारी निभाते हैं। लेकिन इतनी मशक्कत के बावजूद उनकी दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। नतीजा यह है कि गोल्फ ग्राउंड में पटाखों की बिक्री प्रभावित हो रही है और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दुकानदारों का आरोप है कि धनबाद के लगभग सभी प्रमुख इलाकों में सड़क किनारे पटाखों की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों पर न तो लाइसेंसधारी दुकानों जैसी पाबंदियां नजर आती हैं और न ही प्रशासन की कार्रवाई दिखाई देती है। ऐसे में नियमों का पालन करने वाले दुकानदार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब प्रशासन ने लाइसेंस के नाम पर नियम और शर्तें तय की हैं तो फिर अवैध रूप से दुकान चलाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
कोयलांचल लाइव से खास बातचीत में दुकानदारों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन की इस कथित दोहरी व्यवस्था का सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है। एक ओर लाइसेंसधारी दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं तो दूसरी ओर सड़क किनारे लग रही दुकानों के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध पटाखा दुकानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए और सभी दुकानदारों के लिए एक समान नियम लागू किए जाएं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या धनबाद में जिला प्रशासन का कानून सिर्फ लाइसेंस लेकर दुकान चलाने वालों के लिए ही है? अगर सड़क किनारे अवैध पटाखा दुकानें संचालित हो रही हैं तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं? आखिर नियमों का पालन करने वाले दुकानदार नुकसान झेलें और कथित अवैध दुकानदार खुलेआम कारोबार करें, इस स्थिति की जिम्मेदारी कौन लेगा ?
धनबाद में पटाखा दुकानों को लेकर जिला प्रशासन के आदेश ने लाइसेंसधारी दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक तरफ प्रशासन की सख्ती और नियमों का बोझ है तो दूसरी तरफ शहर के कई इलाकों में सड़क किनारे कथित रूप से अवैध पटाखा दुकानों का संचालन हो रहा है। ऐसे में गोल्फ ग्राउंड में लाइसेंस लेकर दुकान चला रहे दुकानदारों में जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी साफ देखने को मिल रही है।
दुकानदारों का कहना है कि पटाखा बेचने के लिए वे लाइसेंस लेने में पैसे खर्च करते हैं। इसके अलावा प्रशासन की ओर से निर्धारित तमाम नियमों और निर्देशों का पालन भी करते हैं। दुकान लगाने से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक की जिम्मेदारी निभाते हैं। लेकिन इतनी मशक्कत के बावजूद उनकी दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। नतीजा यह है कि गोल्फ ग्राउंड में पटाखों की बिक्री प्रभावित हो रही है और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दुकानदारों का आरोप है कि धनबाद के लगभग सभी प्रमुख इलाकों में सड़क किनारे पटाखों की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों पर न तो लाइसेंसधारी दुकानों जैसी पाबंदियां नजर आती हैं और न ही प्रशासन की कार्रवाई दिखाई देती है। ऐसे में नियमों का पालन करने वाले दुकानदार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब प्रशासन ने लाइसेंस के नाम पर नियम और शर्तें तय की हैं तो फिर अवैध रूप से दुकान चलाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
कोयलांचल लाइव से खास बातचीत में दुकानदारों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन की इस कथित दोहरी व्यवस्था का सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है। एक ओर लाइसेंसधारी दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं तो दूसरी ओर सड़क किनारे लग रही दुकानों के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध पटाखा दुकानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए और सभी दुकानदारों के लिए एक समान नियम लागू किए जाएं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या धनबाद में जिला प्रशासन का कानून सिर्फ लाइसेंस लेकर दुकान चलाने वालों के लिए ही है? अगर सड़क किनारे अवैध पटाखा दुकानें संचालित हो रही हैं तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं? आखिर नियमों का पालन करने वाले दुकानदार नुकसान झेलें और कथित अवैध दुकानदार खुलेआम कारोबार करें, इस स्थिति की जिम्मेदारी कौन लेगा ?
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क।